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शराब माफिया और आबकारी विभाग के गठजोड़ के खिलाफ दमोह में आक्रोश; महिलाओं ने घेरा कलेक्ट्रेट, कलेक्टर को ही सौंपा ज्ञापन

Large crowd of women protesting against illegal liquor trade at Damoh Collectorate

दमोह। जिले में बेखौफ बिक रही अवैध शराब और आबकारी विभाग की कथित निष्क्रियता के विरुद्ध सोमवार को जन-आक्रोश फूट पड़ा। भगवती मानव कल्याण संगठन के बैनर तले सैकड़ों महिलाओं और पुरुष कार्यकर्ताओं ने कलेक्टोरेट का घेराव किया और ग्रामीण अंचलों में धड़ल्ले से चल रही पैकारी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आबकारी विभाग पर शराब ठेकेदारों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया है。

प्रशासनिक खींचतान: एडीएम को मना किया, कलेक्टर खुद आए बाहर

प्रदर्शन के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब ज्ञापन लेने पहुँचीं एडीएम मीणा मसराम को संगठन के सदस्यों ने बैरंग लौटा दिया। कार्यकर्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि वे अपनी बात केवल जिले के मुखिया को ही बताएंगे। इसके पश्चात, कार्यकर्ताओं के कड़े रुख को देखते हुए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव स्वयं प्रदर्शनकारियों के बीच पहुँचे और उनकी शिकायतों को सुना। संगठन ने बताया कि जिले की 200 पंचायतों में शराबबंदी के प्रस्ताव होने के बाद भी अवैध बिक्री रुक नहीं रही है।

"हमें लाड़ली बहना की राशि नहीं, नशामुक्त समाज चाहिए"

आंदोलन में शामिल महिलाओं ने प्रदेश सरकार की योजनाओं पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें 'लाड़ली बहना' जैसी योजनाओं की राशि से ज्यादा अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि सरकार भले ही आर्थिक सहायता न दे, लेकिन गांव-गांव में बिक रही अवैध शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए। महिलाओं के अनुसार, शराबखोरी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू हिंसा और गंभीर अपराधों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है, जिससे परिवार बर्बादी की कगार पर हैं।

कार्यकर्ताओं पर फर्जी मुकदमों का विरोध

संगठन ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में पुलिस और विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी कोई सजग नागरिक या कार्यकर्ता अवैध शराब पकड़वाता है, तो माफियाओं के बजाय उल्टा कार्यकर्ताओं पर ही मारपीट के झूठे केस दर्ज कर दिए जाते हैं। संगठन ने इन फर्जी मामलों को वापस लेने और माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।