दमोह: पीएम आवास की किस्त के बदले रिश्वत लेते पंचायत सचिव गिरफ्तार; लोकायुक्त ने चौकीदार को भी बनाया आरोपी
दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में भ्रष्टाचार के विरुद्ध सागर लोकायुक्त पुलिस ने सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। तेंदूखेड़ा ब्लॉक की तेजगढ़ ग्राम पंचायत में पदस्थ पंचायत सचिव जुगराज सिंह लोधी को 6,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में पंचायत के चौकीदार गुड्डा रैकवार की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद उसे भी आरोपी बनाया गया है।
किस्त जारी करने के नाम पर मांगी थी रकम
तेजगढ़ निवासी महेंद्र कोष्ठी की पत्नी के नाम पर 1 लाख 20 हजार रुपये का प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ था। महेंद्र का आरोप है कि आवास की दूसरी किस्त जारी करने के एवज में सचिव जुगराज सिंह लोधी ने उनसे शुरुआत में 15,000 रुपये की मांग की थी। पैसे न देने पर सचिव ने उनकी किस्त रोक दी और उन्हें सरपंच से मिलने की सलाह दी। पीड़ित के अनुसार, अंततः 6,000 रुपये में सौदा तय हुआ था।
लोकायुक्त का बिछाया जाल और रंगे हाथों गिरफ्तारी
महेंद्र कोष्ठी ने इस भ्रष्टाचार की शिकायत 16 अप्रैल को सागर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक से की थी। शिकायत का सत्यापन होने के बाद, सोमवार को लोकायुक्त टीम ने पंचायत भवन में जाल बिछाया। जैसे ही महेंद्र ने सचिव को रिश्वत के पैसे दिए, टीम ने उन्हें दबोच लिया।
पकड़े जाने के डर से सचिव ने रिश्वत की रकम तुरंत चौकीदार गुड्डा रैकवार को थमा दी थी। लोकायुक्त टीम ने जब दोनों आरोपियों के हाथ धुलवाए, तो उनके हाथों से निकला लाल रंग रिश्वत लेने की पुष्टि का पुख्ता प्रमाण बना।
भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त निरीक्षक मंजू किरण तिर्की ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। वर्तमान में लोकायुक्त पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं।

