एकल परिवारों और सोशल मीडिया के दौर में उम्मीद की किरण बने 'संस्कार केंद्र', NGO की पहल से बच्चों में जगी नैतिक जागरूकता
दमोह| आज के बदलते दौर में, जहाँ एकल परिवारों का चलन और सोशल मीडिया का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है, बच्चों में नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों की कमी एक गंभीर चुनौती के रूप में सामने आ रही है। ऐसे समय में ‘आरभ्य सोशल वेलफेयर सोसाइटी’ द्वारा संचालित ‘संस्कार केंद्र’ दमोह जिले के बच्चों के जीवन में आशा की नई किरण बनकर उभरे हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को उन जीवन मूल्यों से जोड़ना है जो उन्हें जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनने की राह दिखाते हैं।
नैतिक मूल्यों की मजबूत नींव
संस्था के अध्यक्ष निखिल सिंह ठाकुर का कहना है कि तेज़ रफ्तार ज़िंदगी ने बच्चों को हमारी समृद्ध भारतीय परंपराओं और संस्कृति से कहीं दूर कर दिया है। इसी दूरी को कम करने के लिए इन संस्कार केंद्रों की शुरुआत की गई। यहाँ बच्चों को करुणा, दया, क्षमा, उदारता, सम्मान, एकता और संतोष जैसे गुणों का महत्व कहानियों, खेलों और गतिविधियों के माध्यम से सिखाया जाता है। साथ ही, उन्हें भगवद गीता के श्लोक, भजन-कीर्तन और पारंपरिक संगीत की शिक्षा भी दी जाती है। इसके अतिरिक्त, बच्चों को अलग-अलग शैक्षणिक सामग्री भी उपलब्ध कराई जाती है, ताकि उनकी शिक्षा और मजबूत हो सके।
शिक्षा और व्यक्तित्व विकास
वर्तमान में मौसीपुरा, नोहटा, जेरेठ और दमोह सहित चार स्थानों पर संचालित हो रहे इन केंद्रों में बच्चों के लिए सीखने का एक संवादात्मक और आनंदपूर्ण वातावरण तैयार किया गया है। यहाँ की कक्षाओं में सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि श्लोक वाचन, मंत्रोच्चारण, कहानियाँ, योग, ध्यान और रचनात्मक गतिविधियाँ भी शामिल हैं। ये सभी गतिविधियाँ बच्चों को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व और चारित्रिक विकास को भी सुनिश्चित करती हैं।
उज्ज्वल भविष्य की ओर
यह पहल बच्चों की स्कूल शिक्षा का पूरक बनकर कार्य कर रही है। जहाँ स्कूल बच्चों को शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करते हैं, वहीं संस्कार केंद्र उन्हें नैतिक शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों से अवगत कराते हैं। इन दोनों का सम्मिलन ही बच्चों को संपूर्ण विकास प्रदान करता है। ‘आरभ्य सोशल वेलफेयर सोसाइटी’ (Arabhya Social Welfare Society) का लक्ष्य है कि आने वाले समय में जिले के और भी स्थानों पर संस्कार केंद्र प्रारंभ किए जाएँ, ताकि अधिक से अधिक बच्चे इन अनमोल संस्कारों से लाभ उठा सकें। यह प्रयास दमोह के बच्चों के लिए केवल वर्तमान ही नहीं, बल्कि एक उज्ज्वल भविष्य की नींव भी रख रहा है।
Arabhya Social Welfare Society, Arabhya foundation