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दमोह: कन्या छात्रावास में भरभराकर गिरा छत का प्लास्टर, 8 छात्राएं घायल, घोर लापरवाही पर वार्डन निलंबित

Roof plaster collapsed at Rajabandi girls hostel injuring students in damoh today

दमोह, ब्यूरो रिपोर्टदमोह जिले के पटेरा विकासखंड से एक बड़ी लापरवाही और खौफनाक हादसे की खबर सामने आई है। यहां के राजाबंदी गांव स्थित शासकीय नेताजी सुभाष चंद्र बोस कन्या छात्रावास में बुधवार शाम करीब 6 बजे एक कमरे की छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। इस हादसे में कमरे के अंदर बैठकर पढ़ाई कर रही 8 मासूम छात्राएं मलबे की चपेट में आकर घायल हो गईं। घटना के बाद छात्रावास में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।

आनन-फानन में सभी घायल बच्चियों को पटेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्रशासन ने इस गंभीर लापरवाही पर तुरंत एक्शन लेते हुए छात्रावास की वार्डन को सस्पेंड कर दिया है।

Girls Hostel Accident damoh today

हादसे में 8 छात्राएं घायल, एक की हालत गंभीर

पटेरा स्वास्थ्य केंद्र के ड्यूटी डॉक्टर अभिषेक पटेल के अनुसार, गनीमत रही कि हादसा शाम के वक्त हुआ जब छात्राएं कमरे में अलग-अलग बैठकर पढ़ाई कर रही थीं। यदि यह भारी प्लास्टर रात को सोते समय गिरता, तो जानमाल का बड़ा नुकसान हो सकता था।

  • हादसे में घायल होने वाली छात्राओं में ज्योति (10), काजल अहीरवाल (12), बबली पटेल (12), लक्ष्मी बर्मन (12), रश्मि आदिवासी (12), अनामिका (11), लक्ष्मी/वेजू अहिरवार (11) और शिक्षा (10) शामिल हैं।
  • इनमें से 12 वर्षीय छात्रा काजल के सिर में गंभीर चोट आई है। एहतियात के तौर पर उसे सीटी स्कैन और एमआरआई (MRI) के लिए तत्काल दमोह जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। अन्य बच्चियों की हालत पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं।

कलेक्टर के सख्त निर्देश, वार्डन तत्काल प्रभाव से निलंबित

घटना की सूचना मिलते ही हटा एसडीएम राकेश मरकाम और पटेरा तहसीलदार उमेश तिवारी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और बच्चियों का हालचाल जाना। दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए त्वरित जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए।

जिला पंचायत सीईओ प्रवीण फुलपगारे ने मामले की जांच कराई, जिसमें प्रथम दृष्टया भारी लापरवाही सामने आई। इसके बाद छात्रावास की वार्डन (प्राथमिक शिक्षक) सीता स्वामी तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जारी किए गए निलंबन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 3 जून 2026 को ही प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए थे कि जर्जर कमरों में बच्चों को न बैठाया जाए, इसके बावजूद वार्डन द्वारा घोर लापरवाही बरती गई।

पहले भी दो बार गिर चुका है प्लास्टर, बीआरसी ने मांगी रिपोर्ट

स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इस खस्ताहाल बिल्डिंग में प्लास्टर गिरने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी दो बार छत का प्लास्टर गिर चुका है, लेकिन राहत की बात यह थी कि उन दोनों मौकों पर स्कूल बंद होने के कारण बच्चियां बाल-बाल बच गई थीं।

इस घटना के बाद पटेरा बीआरसी मुकेश गुजरे ने पूरी लापरवाही की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही, ब्लॉक के सभी सरकारी स्कूलों और हॉस्टलों के प्रभारियों से उनके जर्जर भवनों की रिपोर्ट तलब की गई है और सख्त हिदायत दी गई है कि जर्जर कमरों का इस्तेमाल तुरंत बंद किया जाए।