दमोह: जिला स्तरीय 'TEJAS' कार्यशाला में युवाओं ने सीखे स्वरोजगार के गुर, MSME और GeM पोर्टल से खुले सफलता के द्वार
दमोह, ब्यूरो रिपोर्ट। नौकरी तलाशने वाले हाथों को अब रोजगार देने वाले हाथों में बदलने की दिशा में दमोह जिले ने एक लंबी छलांग लगाई है। आज दमोह में MP Startup Center और Startup India के संयुक्त तत्वावधान में एक वृहद जिला स्तरीय 'TEJAS Workshop' का शानदार आयोजन किया गया।
इस महत्वपूर्ण जिला स्तरीय कार्यशाला में दमोह के शहरी और ग्रामीण अंचलों से आए सैकड़ों युवा छात्र-छात्राओं और नवोदित उद्यमियों ने हिस्सा लिया। दिनभर चले इस सघन प्रशिक्षण सत्र में युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और अपने प्रोडक्ट को सीधे सरकार को बेचने का पूरा व्यावहारिक ज्ञान दिया गया।
आइडिया से उद्यम तक का सफर
कार्यशाला के शुरुआती सत्र में मेंटर्स ने 'प्रॉब्लम आइडेंटिफिकेशन' (समस्या की पहचान) पर विस्तृत चर्चा की।
- युवाओं को समझाया गया कि बुंदेलखंड और विशेषकर दमोह जिले के कृषि, हस्तशिल्प और औषधीय संपदा से जुड़े क्षेत्रों में व्यापार की अपार संभावनाएं हैं।
- छात्रों को 'मिनिमम वायेबल प्रोडक्ट' (MVP) बनाने की पूरी प्रक्रिया सिखाई गई, ताकि वे बड़े पैमाने पर निवेश करने से पहले अपने बिजनेस मॉडल का छोटे स्तर पर परीक्षण कर सकें और बाजार की मांग को समझ सकें।
MSME और SBI ने सिखाया फंडिंग का गणित
इस कार्यशाला का सबसे बड़ा आकर्षण सरकारी अनुदान, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) की योजनाएं और बैंकिंग सपोर्ट का सत्र रहा। इस विशेष सत्र को संबोधित करने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से अतिथि विशेषज्ञ भी पहुंचे थे।
- SBI का मार्गदर्शन: बैंक अतिथि विशेषज्ञ ने युवाओं को बताया कि स्टार्टअप को MSME के तहत रजिस्टर कराने से उन्हें बिना गारंटी वाले लोन (Mudra Yojana/CGTMSE) कैसे प्राप्त हो सकते हैं।
- सरकारी ग्रांट: DPIIT मान्यता, MP Startup Policy 2022 और Startup India Seed Fund Scheme के तहत मिलने वाली फंडिंग और शुरुआती तीन वर्षों के लिए मिलने वाली टैक्स छूट (Tax Exemptions) की पूरी प्रक्रिया आसान भाषा में समझाई गई।
सरकार बनेगी ग्राहक: GeM पोर्टल के फायदे
स्टार्टअप्स को अपने उत्पाद बेचने के लिए बाजार खोजने की जरूरत नहीं है, इस बात पर जोर देते हुए युवाओं को GeM (Government e Marketplace) पोर्टल के बारे में विस्तार से बताया गया। विशेषज्ञों ने समझाया कि इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करके कोई भी स्टार्टअप सीधे सरकारी विभागों और मंत्रालयों को अपना सामान या सेवाएं पारदर्शी तरीके से बेच सकता है।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र वितरित किए गए। MP Startup Center ने आश्वस्त किया कि आज की कार्यशाला से जो भी युवा अपना बिजनेस शुरू करने के लिए आगे आएंगे, उन्हें विभाग द्वारा आगे की पूरी हैंडहोल्डिंग और वित्तीय मार्गदर्शन निरंतर प्रदान किया जाएगा।


