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अजब-गजब: सोते समय युवती के सिर में धंसी बंदूक की गोली, खुद को नहीं लगी भनक! दमोह में डॉक्टरों ने किया सफल ऑपरेशन

Doctors team at Damoh District Hospital after successfully removing a bullet from a girl's head

दमोह/पन्ना – मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक ऐसी हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने आम जनता से लेकर चिकित्सा जगत और पुलिस प्रशासन को भी हैरत में डाल दिया है। पन्ना जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बनौली में एक 18 वर्षीय युवती के सिर में सोते समय बंदूक की गोली लग गई, लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि खुद युवती और उसके परिजनों को कई घंटों तक सिर में गोली लगने का अहसास ही नहीं हुआ। शनिवार शाम को जब युवती को अत्यंत नाजुक हालत में पड़ोसी जिले दमोह के जिला अस्पताल लाया गया, तो यहाँ डॉक्टरों की टीम ने त्वरित निर्णय लेते हुए एक बेहद जटिल ऑपरेशन किया और युवती के सिर से सुरक्षित तरीके से गोली को बाहर निकाल लिया।

छत पर सो रही थी युवती, सुबह उठा तेज दर्द तो दादी ने बंधवा दी पट्टी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायल युवती की पहचान बनौली (सिमरिया, जिला पन्ना) निवासी सपना (18 वर्ष) पिता स्वर्गीय फग्गू रैकवार के रूप में हुई है। पीड़िता सपना ने बताया कि शुक्रवार रात को गांव में बिजली गुल (कटौती) होने की वजह से वह गर्मी से बचने के लिए अपने घर की छत पर सोने चली गई थी। शनिवार सुबह जब वह सोकर उठी, तो उसे अचानक अपने सिर में बहुत तेज दर्द महसूस हुआ। उसने तुरंत इस असहनीय दर्द की जानकारी घर में मौजूद अपनी दादी को दी।

सुबह करीब 7 बजे दादी अपनी पोती सपना को लेकर गांव के ही एक स्थानीय (लोकल) डॉक्टर के पास पहुंचीं। सिर के घाव से लगातार खून बहता देख उस लोकल डॉक्टर ने भी भारी लापरवाही और नासमझी का परिचय दिया। उसने इसे किसी चीज से टकराने के कारण लगी मामूली चोट समझा और घाव पर साधारण पट्टी बांधकर उसे वापस घर भेज दिया।

माता-पिता नहीं हैं, बुआ की सजगता से दमोह अस्पताल में हुआ बड़ा खुलासा

घर लौटने के बाद भी सपना का सिर दर्द कम नहीं हुआ, बल्कि समय बीतने के साथ दर्द और ज्यादा बढ़ता चला गया। इसके बाद सपना ने अपनी बुआ हेमलता रैकवार को फोन पर इस गंभीर दर्द की जानकारी दी। बुआ हेमलता ने बताया कि सपना के माता-पिता का पूर्व में ही देहांत हो चुका है और वह अपने गांव में केवल अपनी बूढ़ी दादी के सहारे ही रहती है। भतीजी के सिर में असहनीय दर्द की खबर मिलते ही बुआ तुरंत अपने मायके बनौली पहुंचीं और अन्य परिजनों के सहयोग से शनिवार शाम को उसे इलाज के लिए दमोह जिला अस्पताल लेकर आईं।

दमोह जिला अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में जब डॉक्टरों ने सपना के सिर के घाव की बारीकी से जांच की, तो उनके होश उड़ गए। शुरुआती जांच और एक्स-रे में यह साफ हो गया कि सपना के सिर में कोई साधारण चोट नहीं है, बल्कि उसके सिर की हड्डी के पास बंदूक की एक जिंदा गोली धंसी हुई है।

डॉक्टरों की टीम ने निकाला छर्रा, अब सीटी स्कैन की तैयारी

मामले की संवेदनशीलता और खतरे को देखते हुए दमोह जिला अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डॉक्टर अभिजीत और डॉक्टर तंतुवाय की विशेष मेडिकल टीम ने बिना वक्त गंवाए तुरंत मरीज को ऑपरेशन थिएटर (OT) में शिफ्ट किया। डॉक्टरों की टीम ने अत्यंत सूझबूझ के साथ सफल ऑपरेशन कर युवती के सिर में धंसी हुई गोली को सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया।

ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने बताया कि फिलहाल युवती की स्थिति खतरे से बाहर है और उसकी सेहत में निरंतर सुधार हो रहा है। हालांकि, अंदरूनी डैमेज का सटीक पता लगाने के लिए आगे उसकी सीटी स्कैन (CT Scan) जांच भी कराई जा रही है, ताकि यह पूरी तरह स्पष्ट हो सके कि गोली सिर के कितने गहरे हिस्से तक प्रवेश कर चुकी थी।

हवाई फायरिंग या सोची-समझी साजिश? पन्ना पुलिस करेगी जांच

इस पूरे रहस्यमयी घटनाक्रम की जानकारी पीड़ित परिवार के किसी भी सदस्य को नहीं है कि आखिर सपना को गोली कब और कैसे लगी। दमोह जिला अस्पताल स्थित पुलिस चौकी द्वारा तत्काल इस सनसनीखेज मामले की सूचना दमोह के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद दमोह पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मूल कार्यक्षेत्र वाली पन्ना जिला पुलिस को पूरे मामले से आधिकारिक तौर पर अवगत करा दिया है।

पन्ना जिले की सिमरिया थाना पुलिस की एक विशेष टीम जल्द ही दमोह जिला अस्पताल पहुंचकर पीड़ित युवती सपना और उसके परिजनों के आधिकारिक बयान दर्ज करेगी। अब यह पुलिस जांच का एक बड़ा और गंभीर विषय बन गया है कि क्या यह गोली किसी दूरदराज के इलाके से हुए अवैध हवाई फायर (हर्ष फायर) के कारण आकर युवती के सिर में लगी, या फिर किसी अज्ञात हमलावर ने पुरानी रंजिश या किसी अन्य सोची-समझी साजिश के तहत जानबूझकर सोती हुई युवती पर निशाना साधकर गोली चलाई थी।