ADVERTISEMENT

ननद के घर 50 लाख की डकैती की मास्टरमाइंड निकली सगी भाभी; खुद के हाथ-पैर बंधवाकर रचा था ड्रामा, भाई समेत 4 गिरफ्तार

Gwalior SP Dharamveer Singh Yadav displaying recovered jewelry and cash after solving Dabra 50 lakh robbery case

ग्वालियर/डबरा – मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिला अंतर्गत डबरा थाना क्षेत्र में बीते गुरुवार को दिनदहाड़े हुई 50 लाख रुपये की अंधी लूट की वारदात का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर चौंकाने वाला खुलासा कर दिया है। इस पूरी वारदात की जो हकीकत सामने आई है, उसने पुलिस अधिकारियों समेत हर किसी को हैरान कर दिया है। दरअसल, जिस घर में बंधक बनाकर लूट की कहानी रची गई थी, उस पूरी साजिश की मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि पीड़ित ननद की सगी गर्भवती भाभी और उसका भाई ही निकले। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य साजिशकर्ता पति-पत्नी समेत कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से लूटा गया शत-प्रतिशत माल (नगदी और जेवरात) बरामद करने में सफलता हासिल की है।

एसी सर्विसिंग के बहाने बंधक बनाने की लिखवाई थी झूठी एफआईआर

घटनाक्रम के अनुसार, बीते 5 जून को डबरा सिटी पुलिस थाने में फरियादी मोनिका उर्फ रानू श्रीवास्तव नाम की महिला ने एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि गुरुवार को जब उसकी भाभी पिंकी जाटव घर में अकेली थी, तभी दोपहर में बाइक पर सवार होकर दो अज्ञात बदमाश 'एसी सर्विसिंग' करने के बहाने घर के भीतर दाखिल हो गए। इसके बाद बदमाशों ने पिंकी के साथ मारपीट की, उसके हाथ-पैर बांधकर बंधक बनाया और अलमारी का ताला तोड़कर घर में रखे करीब ढाई लाख रुपये नगद और सोने-चांदी के भारी जेवरात (कुल कीमत लगभग 50 लाख रुपये) लूटकर रफूचक्कर हो गए।

भाभी की थ्योरी पर पुलिस को हुआ शक, एसपी ने झोंकी पूरी ताकत

हाईप्रोफाइल और इतनी बड़ी रकम की लूट से जिले में हड़कंप मच गया था। ग्वालियर पुलिस अधीक्षक (SP) धर्मवीर सिंह यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। एसपी ने केस को सुलझाने के लिए ग्वालियर के 2 एएसपी, 3 क्षेत्रों के एसडीओपी, साइबर सेल और 10 थाना प्रभारियों की एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया।

Gwalior Dabra 50 Lakh Loot Case Solved

ग्वालियर पुलिस कंट्रोल रूम में मीडिया के समक्ष मामले का खुलासा करते हुए एसपी धर्मवीर सिंह यादव ने बताया, "यह केस शुरुआत से ही अत्यधिक संदिग्ध लग रहा था। घटना का शिकार हुई भाभी पिंकी से जब महिला पुलिस अधिकारियों ने बारिकी से पूछताछ की, तो वह बार-बार अपने बयान बदल रही थी। उसके द्वारा बताई गई कहानी पुलिस के गले नहीं उतर रही थी।" इसके बाद पुलिस की एक टीम ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए और ग्वालियर, दतिया व शिवपुरी हाईवे के सैकड़ों सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले। साइबर सेल की मदद से जब संदेही नंबरों को ट्रैक किया गया, तो पूरी सुई फरियादी महिला मोनिका के सगे भाई शुभम श्रीवास्तव पर आकर टिक गई।

आर्थिक तंगी दूर करने के लिए पति-पत्नी ने दोस्त के साथ मिलकर बुना जाल

पुलिस ने जब संदेही भाई शुभम श्रीवास्तव को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने टूटकर सारा सच उगल दिया। शुभम ने बताया कि उसने और पिंकी जाटव ने प्रेम विवाह (लव मैरिज) किया था। पिंकी फिलहाल गर्भवती है और दोनों पिछले 3 महीने से डबरा में शुभम की बहन मोनिका उर्फ रानू श्रीवास्तव के घर पर ही रह रहे थे। इसी दौरान पिंकी ने अपनी ननद मोनिका को अलमारी में बड़ी मात्रा में जेवरात और नगदी रखते हुए देख लिया था।

दंपती लंबे समय से गंभीर आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे, जिसके कारण उन्होंने अपनी ही बहन के घर चोरी करने का प्लान बनाया। इस साजिश को अंजाम देने के लिए शुभम ने अपनी पत्नी पिंकी और अपने जिगरी दोस्त सोनू जाटव को शामिल किया। गुरुवार को जब बहन मोनिका अपने बच्चों के साथ काम से बाहर गई थी, तब योजना के मुताबिक शुभम और उसका दोस्त सोनू बाइक से घर पहुंचे। पिंकी ने पहले से गेट खुला रखा था और सीसीटीवी कैमरे में आने के लिए उन्होंने गेट पर सामान्य बातचीत का नाटक किया।

ड्रेसिंग टेबल का कांच तोड़कर माथे पर मारी खरोंच, ताकि पुलिस को लगे सच

घर के अंदर प्रवेश करने के बाद शुभम और सोनू ने लोहे की रॉड से अलमारी का लॉक तोड़ा और उसमें रखे ढाई लाख रुपये कैश व करीब 46 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात समेट लिए। इसके बाद पुलिस और बहन को गुमराह करने के लिए उन्होंने बकायदा क्राइम सीन क्रिएट किया। पिंकी पर कोई शक न करे, इसलिए उन्होंने कमरे के ड्रेसिंग टेबल का कांच पत्थर मारकर तोड़ दिया और उसी टूटे कांच के टुकड़े से पिंकी के माथे पर हल्की सी खरोंच मार दी ताकि वह घायल दिखे। इसके बाद पिंकी के हाथ-पैर कपड़े से बांधकर दोनों आरोपी माल समेटकर फरार हो गए।

दुकानदार और दोस्त के घर छिपाया था माल, 4 आरोपी गिरफ्तार

वारदात को अंजाम देने के बाद शुभम ने लूटी गई नगदी में से डेढ़ लाख रुपये अपने दोस्त सोनू जाटव को हिस्सा के रूप में दे दिए। वहीं, सोने-चांदी के सभी कीमती जेवरातों को एक बैग में भरकर ग्वालियर के जनकगंज इलाके में रहने वाले अपने एक अन्य साथी आसिफ खान के घर पर छिपा दिया था। पुलिस ने शुभम की निशानदेही पर सोनू जाटव को दबोचा और फिर जनकगंज में दबिश देकर चौथे आरोपी आसिफ खान को गिरफ्तार कर उसके घर से शत-प्रतिशत जेवरात बरामद कर लिए।

पुलिस द्वारा बरामद किए गए जेवरातों की सूची:

  • सोने के जेवरात: कुल वजन 252.82 ग्राम (अनुमानित कीमत लगभग 42 लाख रुपये)। इसमें 3 सोने के लॉकेट, 6 अंगूठियां, 5 मंगलसूत्र, 2 भारी हार, 1 ब्रेसलेट, 3 सोने की चेन, 2 बेसर, 3 नाक की लौंग, कान के टॉप्स, सुई-धागा और 6 बृजवाला शामिल हैं।

  • चांदी के जेवरात: कुल वजन 1.9 किलोग्राम (अनुमानित कीमत लगभग 4 लाख रुपये)। इसमें 1 चांदी की करधौनी, 17 जोड़ी भारी पायजेब, 90 नग बिछिया, 3 चांदी के सिक्के, 2 चौकोर ताबीज, एक जोड़ी कड़ा, छोटे-बड़े 10 नग चूरा और 100 ग्राम चांदी की कतरन शामिल है।

  • नगदी: वारदात में चोरी की गई पूरी ढाई लाख (2,50,000) रुपये की नगदी भी पुलिस ने चारों आरोपियों के पास से बरामद कर ली है।