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8 बेटियों के पिता को बेटे का सपना दिखाकर ठगे 42 हजार; अनाथ आश्रम से बच्चा गोद दिलाने के नाम पर भिक्षुकों ने किया खेल

Victim Bhagunta Ahirwar filing complaint at Damoh Kotwali police station

दमोह – जिले से पुत्र प्राप्ति की चाहत में अंधविश्वास और ठगी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ आठ बेटियों के एक पिता को बेटे की चाहत इस कदर भारी पड़ी कि वह शातिर ठगों के बुने जाल में फंस गया। आरोपियों ने पीड़ित को जबलपुर के एक अनाथ आश्रम से कानूनी प्रक्रिया के तहत बेटा गोद दिलाने का झूठा झांसा दिया और उससे ₹42,500 की ठगी कर ली। अब पीड़ित न्याय की आस में अपने परिवार के साथ दमोह कोतवाली पुलिस के पास पहुंचा है।

भिक्षा मांगने आए लोगों ने बातों में फंसाया

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बकस्वाहा थाना क्षेत्र के ग्राम देवरी निवासी भागूंता अहिरवार की आठ बेटियां हैं। उनके घर में कोई बेटा नहीं है, जिसकी वजह से पूरा परिवार लंबे समय से पुत्र की चाहत रख रहा था। पीड़ित भागूंता ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके घर पर भिक्षा मांगने के बहाने कुछ अज्ञात लोग पहुंचे थे। बातचीत के दौरान भावुक होकर भागूंता ने उनके सामने अपनी पारिवारिक स्थिति और बेटा न होने का दर्द बयां कर दिया।

अनाथ आश्रम और कोर्ट का हवाला देकर वसूली रकम

भागूंता की इसी मजबूरी और इच्छा का फायदा उठाते हुए भिक्षुकों ने एक सुनियोजित साजिश रची। उन्होंने पीड़ित को भरोसा दिलाया कि वे जबलपुर के एक नामी अनाथ आश्रम से उसे कानूनी रूप से बेटा गोद दिला सकते हैं। इसके बाद दस्तावेजी कार्रवाई, सरकारी औपचारिकताओं और न्यायालयीन (कोर्ट) प्रक्रिया के खर्च का हवाला देकर उनसे पैसों की मांग की गई।

पुत्र की चाह में पीड़ित ने बिना सोचे-समझे आरोपियों को दो किस्तों में ₹40,000 और ₹2,500 यानी कुल मिलाकर ₹42,500 नगद सौंप दिए।

पैसे ऐंठकर हुए गायब, पीड़ित पहुंचा थाने

रकम ऐंठने के बाद जब काफी दिन बीत गए, तो भागूंता ने आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की। शुरू में आरोपी उन्हें लगातार टालमटोल कर आश्वासन देते रहे, लेकिन बाद में उन्होंने पीड़ित का फोन उठाना और जवाब देना पूरी तरह बंद कर दिया। जब बच्चा गोद दिलाने की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तब भागूंता को समझ आया कि वह ठगी का शिकार हो चुके हैं।

ठगे जाने का अहसास होते ही पीड़ित अपनी पत्नी और बच्चों के साथ दमोह कोतवाली थाना पहुंचा और आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने पुलिस से अपनी गाढ़ी कमाई वापस दिलाने और आरोपियों को सख्त सजा देने की मांग की है। मामले को लेकर कोतवाली पुलिस का कहना है कि आवेदन प्राप्त हो चुका है और शिकायत के आधार पर मामले की सूक्ष्मता से जांच कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।