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जीतू पटवारी को सीएम मोहन यादव ने कहा ‘दो कौड़ी का’ और ‘टपोरी लाल, मचा सियासी बवाल

CM Mohan Yadav and MP Congress Chief Jitu Patwari political clash

भोपाल – मध्य प्रदेश की सियासत में बयानों के तीर अब मर्यादा की सीमाएं लांघने लगे हैं। शाजापुर जिले के शुजालपुर में रविवार को आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर अब तक का सबसे तीखा और आक्रामक हमला बोला है। सीएम यादव ने पटवारी के लिए ‘टपोरी लाल’, ‘ढपोरशंख’ और ‘दो कौड़ी का प्रदेश अध्यक्ष’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है। इस बयान के बाद राज्य का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है और पूरी कांग्रेस पार्टी मुख्यमंत्री के खिलाफ लामबंद हो गई है।

जीतू पटवारी के 'मोहन लाल' वाले तंज पर भड़के सीएम

दरअसल, इस जुबानी जंग की शुरुआत तब हुई थी जब पिछले दिनों सतना में कांग्रेस के युवा संवाद कार्यक्रम के दौरान जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर तंज कसते हुए उन्हें ‘मोहन लाल अभिनंदन यादव’ कहा था और दावा किया था कि उनकी विदाई की उल्टी गिनती शुरू हो गई है।

शुजालपुर में इसी का पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, "वो कहते हैं अभिनंदन लाल। हां, हम हैं अभिनंदन लाल, तुम टपोरी लाल, ढपोरशंख। जितने नाम याद करोगे, सब तुम पर जाने वाले हैं।" मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उन्होंने देश के इतिहास में आजादी के बाद से कांग्रेस का ‘इतना रद्दी अध्यक्ष’ नहीं देखा। उन्होंने तंज कसा कि जो अध्यक्ष अपनी राऊ विधानसभा सीट नहीं बचा पाया और लोकसभा चुनाव में इंदौर से पार्टी का उम्मीदवार तक खड़ा नहीं रख पाया, वह मुंगेरी लाल की तरह सरकार बनाने के सपने देख रहा है। सीएम ने साफ लहजे में कहा कि उनकी सरकार काम करना भी जानती है और ‘नाकाम’ से निपटना भी जानती है।

गाली को हार-फूल समझता हूँ: जीतू पटवारी

मुख्यमंत्री के इस तीखे प्रहार पर जवाब देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने से साफ इनकार कर दिया। पटवारी ने कहा, "अभिनंदन तो अच्छा शब्द है, क्या यह गलत है? मुख्यमंत्री ने मुझे ‘दो कौड़ी का’ और ‘रद्दी’ कहा, उन्हें इसके लिए धन्यवाद। मुझे पता है कि वह किसान के बेटों को दो कौड़ी का और रद्दी ही समझते हैं।"

पटवारी ने आगे कहा कि वह किसानों, ओबीसी आरक्षण, वल्लभ भवन (सचिवालय) में भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और महंगाई के मुद्दे लगातार उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा, "अगर मैं जनता के सवाल करूँ और वह बदले में गाली दें, तो मैं ऐसी गालियों को हार, फूल-माला और स्वागत-सत्कार समझता हूँ।"

दिग्विजय सिंह और कमलनाथ ने की निंदा, माफी की मांग

मुख्यमंत्री मोहन यादव की इस टिप्पणी के बाद कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने इसे पूरी पार्टी का अपमान बताते हुए मोर्चा खोल दिया है:

  • पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि मुख्यमंत्री जैसे गरिमापूर्ण संवैधानिक पद पर रहते हुए ऐसी भाषा का उपयोग घोर निंदनीय है। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री को तत्काल माफी मांगनी चाहिए क्योंकि प्रदेश अध्यक्ष का अपमान समूची कांग्रेस का अपमान है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
  • पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी सीएम को पद के अभिमान में भाषा की मर्यादा न भूलने की सलाह दी। उन्होंने मोहन यादव के आरोपों को दुर्भावनापूर्ण बताते हुए कहा कि बीजेपी सरकारें मेडिकल कॉलेजों के लिए नहीं बल्कि व्यापम और नर्सिंग घोटाले के लिए कुख्यात हैं। कमलनाथ ने उन्हें विकास देखने के लिए अच्छे मन से छिंदवाड़ा आने का न्योता भी दे डाला।