LPG Cylinder Price Hike: घरेलू एलपीजी सिलेंडर ₹29 महंगा, एमपी के शहरों में दरें 1000 पार; कमर्शियल गैस और पेट्रोल-डीजल भी बढ़े
3 महीने में दूसरी बढ़ोतरी: 89 रुपये महंगा हुआ घरेलू सिलेंडर
आम जनता के लिए चिंता की बात यह है कि पिछले तीन महीनों के भीतर घरेलू गैस के दामों में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले 7 मार्च को प्रति सिलेंडर पर 60 रुपये का इजाफा किया गया था। इस तरह देखें तो महज 90 दिनों के भीतर घरेलू गैस सिलेंडर कुल 89 रुपये महंगा हो चुका है।
■ ईंधन की नई दरें एवं विसंगतियां (सांख्यिकीय विश्लेषण):
राजनीतिक दृष्टिकोण: विपक्ष द्वारा मुनाफे पर तीखे सवाल
घरेलू एलपीजी सिलेंडर और मुख्य ईंधनों के मूल्य संवर्धन को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की है। कांग्रेस द्वारा आधिकारिक वक्तव्य में कहा गया:
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के वित्तीय लाभांश का विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए इस मूल्य वृद्धि की आवश्यकता पर आपत्ति जताई है। उनके द्वारा साझा किए गए आधिकारिक वित्तीय बिंदु निम्नलिखित हैं:
- वार्षिक शुद्ध लाभ: सार्वजनिक क्षेत्र की तीनों तेल कंपनियों ने सामूहिक रूप से वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ₹77,280.65 करोड़ का शुद्ध लाभ अर्जित किया, जो पूर्ववर्ती वित्त वर्ष (2024-25) की तुलना में 130% की वृद्धि प्रदर्शित करता है।
- तिमाही निष्पादन: चालू वित्त वर्ष 2025-26 की अंतिम तिमाही (जनवरी-मार्च 2026) के भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद, इन संस्थाओं का संचयी लाभ ₹19,470 करोड़ दर्ज किया गया, जो कि वार्षिक आधार पर 40% अधिक है।
रणनीतिक विश्लेषण: मूल्य निर्धारण के मुख्य कारक
भारतीय ऊर्जा बाजार अपनी कुल खपत का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है। वर्तमान में कीमतों में निरंतर उतार-चढ़ाव के पीछे दो मुख्य कारक क्रियाशील हैं:
- होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का अवरोध: फरवरी 2026 में प्रारंभ हुए अमेरिका-इसराइल और ईरान के मध्य सैन्य गतिरोध के कारण मध्य पूर्व में आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है। ईरान द्वारा होर्मुज़ जलमार्ग को आंशिक रूप से प्रतिबंधित किए जाने के कारण वैश्विक स्तर पर लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई लागत में कई गुना वृद्धि हुई है।
- लागत प्रबंधन और सब्सिडी ढांचा: पेट्रोलियम मंत्रालय के नीतिगत वक्तव्यों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की तीव्र वृद्धि का संपूर्ण भार उपभोक्ताओं पर स्थानांतरित नहीं किया गया है। घाटे का एक बड़ा हिस्सा विपणन कंपनियां वित्तीय समायोजन के तहत स्वयं वहन कर रही हैं।
एलपीजी मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया:
1. वैश्विक संविदात्मक मूल्य (Saudi Aramco Contract Price) का आकलन।
2. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये (USD/INR) की विनिमय दर का प्रभाव।
3. महासागरीय परिवहन शुल्क, सीमा शुल्क, बॉटलिंग लॉजिस्टिक्स और डीलर कमीशन का समावेशन।
4. केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (GST) तथा प्रासंगिक राज्य कर नीतियां।
वर्तमान डेटा के अनुसार, देश के कुल 33.37 करोड़ एलपीजी उपभोक्ताओं में से 10.58 करोड़ उपभोक्ता प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत आते हैं। मूल्य संवर्द्धन के इस निर्णय का सीधा प्रभाव देश के व्यापक घरेलू उपभोग ढांचे पर देखा जाएगा।
