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दमोह में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की अनोखी हड़ताल: अंबेडकर चौराहे पर 'भैंस के आगे बीन' बजाने के लिए करनी पड़ी कड़ी मशक्कत, वीडियो वायरल

Contractual health workers (Samvida Swasthya Karmachari) playing been in front of buffaloes at Ambedkar Chouraha near District Hospital in Damoh

दमोह: अपनी नियमितीकरण (स्थाई नौकरी) और अन्य लंबित मांगों को लेकर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की बेमियादी और अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार जारी है. इस आंदोलन के सातवें दिन सोमवार को बुंदेलखंड के दमोह जिले से विरोध प्रदर्शन की बेहद दिलचस्प और अनोखी तस्वीरें सामने आई हैं. यहाँ हड़ताली कर्मचारियों ने सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए 'भैंस के आगे बीन बजाना' कहावत को सड़क पर चरितार्थ करने का प्रयास किया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. हालांकि, इस अनोखे प्रदर्शन को पूरा करने में भी स्वास्थ्य कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी.

अंबेडकर चौराहे पर जुटे कर्मचारी, 'अड़ियल' भैंसों को रोकने में छूटे पसीने

दमोह जिले में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के चरणबद्ध आंदोलन के तहत सोमवार को एक सांकेतिक प्रदर्शन तय किया गया था. इसके तहत कर्मचारियों को 'भैंस के आगे बीन' बजानी थी. शहर के जिला अस्पताल परिसर के पास स्थित व्यस्ततम अंबेडकर चौराहे (अस्पताल चौराहा) से अक्सर मवेशियों का आना-जाना लगा रहता है, इसलिए सभी हड़ताली कर्मचारी बीन लेकर सीधे चौराहे पर जमा हो गए.

लेकिन प्रदर्शन की राह इतनी आसान नहीं थी. चौराहे से एक के बाद एक कई भैंसें गुजरीं, लेकिन वे कर्मचारियों की बीन की धुन सुनने के लिए रुकने को तैयार नहीं थीं. जब तरकीब काम नहीं आई, तो स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपना मेडिकल दिमाग लगाया और फौरन हरी घास और चारे का इंतजाम किया. भैंसों को चारे का लालच दिया गया, फिर भी वे आगे बढ़ती रहीं. काफी देर की कड़ी मशक्कत और मान-मनौव्वल के बाद आखिरकार दो 'अड़ियल' भैंसें वहां रुकने को राजी हुईं. इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने बमुश्किल उन्हें माला पहनाई, चारा खिलाया और उनके आगे बीन बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया. यह पूरा रोचक दृश्य वहां मौजूद कैमरों में कैद हो गया.

आंदोलन का 7वां दिन: "गुहार लगाने के बाद भी बहरी बनी है सरकार"

कर्मचारियों का कहना है कि यह एक सांकेतिक प्रदर्शन था, जो यह दर्शाता है कि बार-बार गुहार लगाने और बीन बजाने के बाद भी प्रदेश सरकार की नींद नहीं खुल रही है और शासन-प्रशासन द्वारा उनकी लगातार अनदेखी की जा रही है.

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की मुख्य मांगें और दर्द:

  • स्थाई नौकरी की मांग: स्वास्थ्य विभाग के जिला अस्पताल परिसर में तैनात इन संविदा कर्मचारियों की मुख्य मांग उन्हें स्थाई नौकरी (नियमितीकरण) देना है.
  • अनदेखी से नाराजगी: कर्मचारियों का कहना है कि अब तक वे पूरी तरह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उनकी समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा.
  • बेमियादी हड़ताल: पूरे प्रदेश के साथ-साथ दमोह में भी संविदा स्वास्थ्य कर्मी काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं.

स्वास्थ्य कर्मियों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक सरकार उनकी जायज मांगों को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक उनका यह चरणबद्ध और अनोखा आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा.