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दमोह-पन्ना कनेक्टिविटी बहाल: गैसाबाद में व्यारमा नदी का नया पुल 8 महीने बाद शुरू, अब नहीं लगाना पड़ेगा 20 KM का चक्कर!

Vehicles passing through the newly opened Vyarma river bridge in Gaisabad connecting Damoh and Panna districts

दमोह: दमोह और पन्ना जिले के बॉर्डर पर रहने वाले लोगों के लिए आखिरकार एक बड़ी और सुकून देने वाली खबर आ गई है. पिछले 8 महीने से जिस व्यारमा नदी के पुल के बंद होने से इलाके का व्यापार ठप पड़ा था और लोग परेशान थे, वो नए पुल के चालू होने के साथ ही दूर हो गई है. गैसाबाद में व्यारमा नदी पर बने चमचमाते नए पुल पर मंगलवार से वाहनों की आवाजाही विधिवत बहाल कर दी गई है. इस पुल के खुलने से न सिर्फ आम जनता, बल्कि व्यापारियों और इमरजेंसी मरीजों ने भी राहत की बड़ी सांस ली है.

8 महीने का वनवास खत्म: जब पुराने पुल की दरारों ने रोक दिए थे पहिए

कहानी शुरू होती है करीब 8 महीने पहले बारिश के सीजन में. गैसाबाद स्थित व्यारमा नदी का पुराना पुल भारी बारिश के चलते क्षतिग्रस्त हो गया था. पुल के पिलर्स और कंक्रीट में खतरनाक दरारें आ गई थीं. किसी बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए दमोह के तत्कालीन कलेक्टर सुधीर कोचर ने आनन-फानन में इस पुराने पुल से आवागमन को पूरी तरह प्रतिबंधित करने का सरकारी फरमान जारी कर दिया था.

पुल क्या बंद हुआ, मानो इलाके की रफ्तार पर ब्रेक लग गया. दमोह से पन्ना जिले की सीधी कनेक्टिविटी पूरी तरह कट गई. इसका सबसे बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ा स्थानीय दुकानदारों को, जिनका धंधा पूरी तरह चौपट हो गया. वहीं, गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस को 20 किलोमीटर का लंबा और थका देने वाला अतिरिक्त चक्कर काटना पड़ रहा था.

नेताजी का डेलिगेशन, सांसद का फोन और एप्रोच मार्ग का काम डन!

व्यारमा नदी पर नए पुल का ढांचा तो लगभग तैयार था, लेकिन एप्रोच मार्ग (कनेक्टिंग रोड) का काम अधूरा होने की वजह से इसे जनता के लिए खोला नहीं जा सका था. जनता की इस लंबी परेशानी को लेकर बीजेपी नेता लक्ष्मण तिवारी की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने दमोह सांसद राहुल सिंह से मुलाकात की और पूरी व्यथा सुनाई.

काम में तेजी लाने का इनसाइड ट्रैक:

  • सांसद का सीधा एक्शन: मामले की गंभीरता को देखते हुए सांसद राहुल सिंह ने तुरंत पन्ना और दमोह के कलेक्टर्स से सीधे फोन पर बात की और अधूरे काम को वॉर-फुटिंग पर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए.
  • विधायक की मॉनिटरिंग: हटा विधानसभा के क्षेत्रीय विधायक ने भी कंस्ट्रक्शन कंपनी और प्रशासनिक अधिकारियों से लगातार तगादा बनाए रखा.
  • एप्रोच रोड तैयार: नेताओं के इस चौतरफा दबाव का असर यह हुआ कि सरकारी अमला जागा और सोमवार शाम तक पुल के दोनों तरफ एप्रोच मार्ग का निर्माण काम पूरा कर लिया गया, जिसके बाद मंगलवार सुबह से पुल को फुल-फ्लेज्ड ट्रैफिक के लिए ओपन कर दिया गया.

भोपाल, जबलपुर और पन्ना का सफर अब सुपरफास्ट

इस नए पुल के खुल जाने से गैसाबाद और आसपास के सैकड़ों गांवों की किस्मत फिर से पटरी पर लौट आई है. अब दमोह से पन्ना, भोपाल और जबलपुर की तरफ जाने वाले मुसाफिरों, भारी वाहनों और बसों को बिना किसी झंझट के सीधा रास्ता मिल गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि 20 किलोमीटर का चक्कर बचने से अब समय और ईंधन दोनों की भारी बचत होगी और गैसाबाद के बाजारों में एक बार फिर से रौनक लौट आएगी.