दमोह में सुरक्षा पर सख्त निर्देश: निर्माण स्थलों और क्षतिग्रस्त पुलों पर लगेंगे चेतावनी बोर्ड, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
दमोह – आगामी समय और वर्तमान जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दमोह जिला प्रशासन ने निर्माण कार्यों और क्षतिग्रस्त रास्तों को लेकर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जिले में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या सड़क हादसे को रोकने के लिए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं सख्त दिशा-निर्देश जारी किया है। कलेक्टर ने जिले के भीतर काम कर रही सभी शासकीय और निजी निर्माण एजेंसियों को दो टूक शब्दों में हिदायत दी है कि वे अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में आम जनता की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करें।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं: निर्माण स्थलों और जलभराव वाले मार्गों पर लगेंगे संकेतक
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, जिले में जहां भी विकास कार्य या सड़कों का निर्माण चल रहा है, उन सभी निर्माण स्थलों पर आवश्यक सुरक्षा संकेतक (साइन बोर्ड) और रिफ्लेक्टर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही, जिले के ऐसे मार्ग जो क्षतिग्रस्त हैं, जहां पुल-पुलिया टूटी हुई हैं या जिन रास्तों पर जलभराव (पानी भरने) की समस्या निर्मित होती है, वहां विशेष रूप से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने को कहा गया है। अक्सर देखा जाता है कि निर्माण स्थलों या खुले पड़े गड्ढों के पास संकेतक न होने से रात के अंधेरे में वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं, जिसे रोकने के लिए प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
तैनात होगा स्टाफ, जरूरत पड़ने पर बंद किए जाएंगे असुरक्षित मार्ग
जनहानि को रोकने के लिए कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि केवल संकेतक लगाना ही काफी नहीं होगा। संवेदनशील और क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों तथा जलभराव की स्थिति वाले मार्गों पर बकायदा चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और वहां बाढ़ या जलभराव के दौरान प्रशासनिक स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाए। यदि कोई पुल या रास्ता अत्यधिक क्षतिग्रस्त है और वहां से गुजरना किसी खतरे से खाली नहीं है, तो तात्कालिक आवश्यकतानुसार उस मार्ग को पूरी तरह से बंद करने (बैरिकेडिंग करने) की व्यवस्था भी त्वरित रूप से सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी नागरिक जबरन खतरे वाले क्षेत्र में प्रवेश न कर सके।
नगरपालिका क्षेत्र के कार्यों पर भी पैनी नजर, सुरक्षा उपाय अपनाने के आदेश
ग्रामीण अंचलों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में भी सुरक्षा को लेकर कड़े मापदंड तय किए गए हैं। कलेक्टर श्री यादव ने नगरपालिका क्षेत्र के अंतर्गत चल रहे विभिन्न विकास कार्यों, जैसे नाली निर्माण, पाइपलाइन ड्रेनेज या सड़क चौड़ीकरण के कार्यों में भी सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय मजबूती से अपनाने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि नगरीय निकायों के अधिकारी नियमित रूप से निर्माण स्थलों का निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि ठेकेदारों द्वारा जनता की सुरक्षा की अनदेखी न की जाए। निर्देशों का उल्लंघन करने वाली या लापरवाही बरतने वाली निर्माण एजेंसियों के खिलाफ वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
