दमोह: कलेक्टर के सख्त निर्देश- हर सप्ताह होगी दवा दुकानों की जांच, योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक पहुंचाएं अधिकारी
दमोह। जिले में प्रशासनिक कामकाज को गति देने और आम जनता को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। समीक्षा बैठक के दौरान स्वास्थ्य सुरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि आमजन की सुविधाओं और स्वास्थ्य के साथ किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में दवा दुकानों के निरीक्षण, ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों की जांच और शासन की विभिन्न योजनाओं के लाभ हितग्राहियों तक तत्काल पहुंचाने को लेकर रूपरेखा तय की गई।
बैठक के प्रमुख दिशा-निर्देश:
1. हर सप्ताह होगी दवा दुकानों की जांच
कलेक्टर ने स्वास्थ्य और औषधि प्रशासन को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि आम जनता को नियमानुसार गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित दवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जिले के ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देशित किया है कि वे प्रत्येक सप्ताह जिले के एक-एक सब-डिवीजन (Sub-Division) का अनिवार्य रूप से भ्रमण करें और मेडिकल स्टोर्स (दवा दुकानों) का सघन निरीक्षण करें, ताकि मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा या अनियमितता का सामना न करना पड़े।
2. पैकेज्ड वाटर और खाद्य पदार्थों की जांच होगी तेज
खाद्य एवं औषधि विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर श्री यादव ने कहा:
"ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अपेक्षाकृत कम होती है, जिसके कारण वहां मिलावटी या निम्न गुणवत्ता की सामग्री बिकने की आशंका अधिक रहती है। ऐसे मामलों पर प्रभावी कार्रवाई कर आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।"
उन्होंने विशेष रूप से पैकेज्ड वाटर (Packaged Water) और पानी के पाउच की गुणवत्ता जांच पर जोर दिया। बाजार में एक्सपायरी डेट वाले उत्पादों की बिक्री पर सख्त निगरानी रखने और दोषियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
3. शिविरों में मिले योजनाओं का तत्काल लाभ
जनकल्याणकारी शिविरों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों से जनप्रतिनिधियों के साथ सतत समन्वय बनाए रखने को कहा है। उन्होंने निर्देशित किया कि आयोजित होने वाले शिविरों में हितग्राहियों को खसरा-खतौनी की प्रतियां, लाड़ली बहना योजना के प्रमाणपत्र, आयुष्मान कार्ड और संबल योजना के कार्ड जैसी सुविधाएं तत्काल प्रभाव से उपलब्ध कराई जाएं।
4. एसडीएम (SDM) करेंगे साप्ताहिक समीक्षा
प्रशासनिक कार्यों में कसावट लाने के लिए सभी अनुविभागीय अधिकारियों (SDM) को निर्देशित किया गया है कि वे प्रत्येक सप्ताह अपने अनुभाग स्तर पर सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक आयोजित करें। इस बैठक में विकास कार्यों और जनहित के मुद्दों की नियमित समीक्षा की जानी चाहिए। कलेक्टर ने विश्वास जताया कि बेहतर समन्वय और समयबद्ध कार्रवाई से प्रशासनिक कार्यों में गति आएगी।

