दमोह में कांग्रेस का नीट पेपर लीक पर उग्र प्रदर्शन: पूर्व नपा अध्यक्ष बोले- 3 साल से लगातार हो रही गड़बड़ी, माफियाओं के आगे सरकार का सिस्टम फेल
दमोह। नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक मामले और लगातार बढ़ती महंगाई के खिलाफ देशव्यापी विरोध के तहत दमोह जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार शाम को शहर की सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने अस्पताल चौराहे से लेकर घंटाघर तक एक विशाल मशाल जुलूस (मशाल यात्रा) निकाला। इस दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने सहित नीट परीक्षा दोबारा आयोजित कराने की मांग की।
25 लाख बच्चों के भविष्य के साथ हुआ खिलवाड़: पूर्व विधायक अजय टंडन
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे दमोह के पूर्व विधायक अजय टंडन ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह विरोध प्रदर्शन देश के भविष्य यानी छात्रों के हक की लड़ाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा से ठीक पहले 200 में से 180 प्रश्न लीक हो गए थे, जिसके कारण आनन-फानन में परीक्षा को स्थगित करना पड़ा।
श्री टंडन ने कहा, "सरकार ने देश के 25 लाख मासूम बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। अचानक परीक्षा टलने से छात्रों की मानसिक स्थिति पर बुरा असर पड़ा है। उनके माता-पिता के लाखों रुपये कोचिंग और तैयारियों में बर्बाद हो गए। आज देश का हर छात्र और युवा त्राहि-त्राहि कर रहा है।" उन्होंने मांग की कि सरकार अविलंब पारदर्शी तरीके से नीट परीक्षा दोबारा आयोजित कराए।
3 साल से लगातार लीक हो रहे पेपर, कार्रवाई के नाम पर सिर्फ दिलासा: मनु मिश्रा
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनु मिश्रा ने परीक्षा प्रणाली और शिक्षा माफियाओं के गठजोड़ पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले 3 वर्षों से लगातार नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं। वर्ष 2024 में तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बयान दिया था कि गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी, लेकिन धरातल पर 3 साल से कुछ नहीं बदला और लगातार पेपर बेचे जा रहे हैं।
मनु मिश्रा ने आरोप लगाया कि शिक्षा माफियाओं के सामने सरकार का पूरा प्रशासनिक ढांचा और सुरक्षा सिस्टम पूरी तरह फेल साबित हो चुका है। उन्होंने राजस्थान सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के सिस्टम को पूरी जानकारी होने के बावजूद तथ्यों को छुपाया गया। इसी छात्र विरोधी नीति के खिलाफ कांग्रेस ने मशाल जुलूस निकालकर सोई हुई सरकार को जगाने का प्रयास किया है।
सरकार के नियंत्रण पर कांग्रेस का तीखा तंज
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मानक पटेल ने इस मौके पर सरकार की कार्यप्रणाली पर तंज कसते हुए कहा कि वर्तमान में सरकार सिर्फ दो लोगों के इशारे पर चल रही है, जिसके कारण प्रशासनिक अधिकारियों और विभागों पर से नियंत्रण पूरी तरह खत्म हो चुका है। सरकार की इसी ढुलमुल नीति का खामियाजा देश के होनहार छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।
घंटाघर पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन और मशाल जुलूस के दौरान जिला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नितिन मिश्रा, निधि श्रीवास्तव, वीरेंद्र दवे, संजय चौरसिया सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, अग्रिम संगठनों के कार्यकर्ता और आम नागरिक उपस्थित रहे।
