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दमोह में इंसानियत शर्मसार: करंट से तड़प रहे घायल को बीच रास्ते सड़क पर उतारकर भागा निजी एंबुलेंस चालक; पैसे न दे पाने पर दिखाई हैवानियत

injured youth akshu patel being treated at damoh district hospital after a private ambulance driver abandoned him midway

हटा। मध्य प्रदेश के दमोह जिले के हटा इलाके से एक बेहद हैरान और विचलित कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां चंद रुपयों की खातिर एक निजी एंबुलेंस चालक ने इंसानियत को पूरी तरह से ताक पर रख दिया। करंट लगने के कारण जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे एक गंभीर रूप से घायल युवक को इलाज के लिए दमोह ले जा रही एक निजी एंबुलेंस का चालक उसे बीच रास्ते में ही तड़पता हुआ छोड़कर फरार हो गया।

आरोप है कि पीड़ित परिजन चालक को तत्काल पूरी रकम का भुगतान नहीं कर पाए थे, जिससे नाराज होकर चालक ने गाड़ी रोक दी और गंभीर रूप से घायल युवक को पेट्रोल पंप के पास सड़क किनारे उतारकर रफूचक्कर हो गया।

खेत पर काम करते समय करंट की चपेट में आया था युवक

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हटा अंतर्गत आने वाले ग्राम पांजी निवासी अक्षु पटेल शनिवार सुबह अपने खेत पर कृषि कार्य कर रहा था, इसी दौरान वह अचानक हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गया। करंट लगने से युवक बुरी तरह झुलस गया और अचेत हो गया। आनन-फानन में परिजन उसे तत्काल गंभीर हालत में सिविल अस्पताल हटा लेकर पहुंचे। यहां प्राथमिक उपचार देने के बाद डॉक्टरों ने युवक की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल दमोह रेफर कर दिया।

108 एंबुलेंस नहीं मिलने पर निजी वाहन का लिया सहारा, चालक ने रास्ते में दिखाई हैवानियत

परिजनों ने बताया कि रेफर किए जाने के बाद अस्पताल परिसर में सरकारी 108 एंबुलेंस तत्काल उपलब्ध नहीं हो सकी थी। मरीज की हालत लगातार बिगड़ रही थी, इसलिए मजबूरी में परिजनों ने हटा अस्पताल परिसर में ही खड़ी एक निजी एंबुलेंस के चालक से संपर्क किया और उसे दमोह चलने के लिए राजी किया।

चालक मरीज को लेकर दमोह के लिए रवाना तो हुआ, लेकिन अस्पताल से कुछ ही दूरी पर स्थित एक पेट्रोल पंप के पास उसने अचानक एंबुलेंस रोक दी। यहां उसने डीजल डलवाने के लिए परिजनों से तुरंत नकद पैसों की मांग की। आपातकालीन स्थिति होने के कारण उस समय परिजनों के पास तत्काल केवल ₹400 नकद उपलब्ध थे, जो उन्होंने चालक को दे दिए और बाकी की शेष राशि दमोह जिला अस्पताल पहुंचकर देने की गुहार लगाई।

तुरंत पैसे नहीं मिलने पर मरीज को सड़क किनारे फेंका

घायल के चाचा वीरेंद्र पटेल का आरोप है कि एंबुलेंस चालक पहले तो दमोह पहुंचकर पैसे लेने की बात पर राजी हो गया था, लेकिन पेट्रोल पंप पर आते ही उसका रवैया अचानक बदल गया और वह पूरी रकम तुरंत देने की जिद पर अड़ गया। जब परिजनों ने अपनी लाचारी व्यक्त की, तो क्रूरता दिखाते हुए चालक ने गंभीर घायल अक्षु पटेल को गाड़ी से नीचे सड़क किनारे उतार दिया और खुद एंबुलेंस लेकर वहां से भाग गया।

इस अमानवीय घटना के बाद हाईवे पर परिजनों के बीच हड़कंप मच गया और वे मदद के लिए चीखने-पुकारने लगे। बाद में परिजनों ने तुरंत अपने एक अन्य रिश्तेदार को फोन कर घटना की जानकारी दी, जिसके बाद मौके पर पहुंचे रिश्तेदार के निजी वाहन की मदद से घायल युवक को दमोह जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है।

स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप, बीएमओ ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

निजी एंबुलेंस चालक की इस शर्मनाक करतूत की खबर जैसे ही सोशल मीडिया और प्रशासनिक गलियारों में फैली, वैसे ही जिला स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल अस्पताल हटा के बीएमओ (BMO) डॉ. उमाशंकर पटेल ने बताया कि इस पूरी घटना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) दमोह को भेज दी गई है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि संकट के समय मरीजों और उनके परिजनों के साथ इस तरह का मनमाना और अमानवीय व्यवहार करने वालों को कतई बख्शा नहीं जाएगा और संबंधित दोषी चालक के खिलाफ सख्त से सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।