छतरपुर: अवैध शराब मामले में SP का कड़ा एक्शन, चौकी प्रभारी लाइन अटैच और दो आरक्षक निलंबित
छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में पुलिस अधीक्षक (SP) ने विभागीय शुचिता और अनुशासन को लेकर एक बड़ी कार्रवाई की है। अवैध शराब के मामले में लापरवाही और संदिग्ध मिलीभगत के आरोपों के चलते पठा चौकी प्रभारी सहित तीन पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है। इस कार्रवाई के बाद से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
शराब पकड़कर गायब करने का लगा आरोप
यह पूरी कार्रवाई एक गंभीर शिकायत के बाद शुरू हुई थी। आरोप था कि पठा चौकी पुलिस ने अवैध शराब के साथ एक आरोपी को पकड़ा तो था, लेकिन न तो उस पर कोई वैधानिक कार्रवाई की गई और न ही जब्त शराब का आधिकारिक रिकॉर्ड रखा गया। वरिष्ठ अधिकारियों को मिली जानकारी के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने न केवल आरोपी को बचाने का प्रयास किया बल्कि जब्त की गई शराब को भी खुर्द-बुर्द कर दिया।
लाइन अटैच और निलंबन की गाज
मामले की प्राथमिक जांच में लापरवाही की पुष्टि होने के बाद एसपी ने सख्त रुख अपनाते हुए निम्नलिखित आदेश जारी किए हैं:
- कुलदीप जादौन (चौकी प्रभारी): कर्तव्य में लापरवाही बरतने के कारण तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया गया है।
- मंगल यादव और पंकज यादव (आरक्षक): इन दोनों आरक्षकों को मामले में संलिप्तता और अनुशासनहीनता के चलते निलंबित कर दिया गया है।
वीरेंद्र परस्ते को मिली नई जिम्मेदारी
चौकी प्रभारी कुलदीप जादौन को हटाए जाने के बाद पुलिस प्रशासन ने वीरेंद्र परस्ते को पठा चौकी का नया प्रभारी नियुक्त किया है। उन्हें तत्काल कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली प्रभावित न हो।
इस कार्रवाई के माध्यम से पुलिस अधीक्षक ने विभाग के भीतर एक स्पष्ट संदेश दिया है कि अवैध गतिविधियों में किसी भी प्रकार की संलिप्तता, लापरवाही या अपराधियों को संरक्षण देना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिले में अवैध शराब माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत आगे भी इस तरह की मॉनिटरिंग जारी रहने की उम्मीद है।