किसानों के मुद्दे पर जीतू पटवारी का बड़ा ऐलान: 7 मई को महाराष्ट्र से राजस्थान सीमा तक 'महाचक्का जाम' की चेतावनी
बुधनी/भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने किसानों की समस्याओं को लेकर मोहन यादव सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधनी में आयोजित 'किसान आक्रोश सत्याग्रह' को संबोधित करते हुए पटवारी ने राज्य और केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो 7 मई को आगरा-बॉम्बे राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-3) पर प्रदेशव्यापी महाचक्का जाम किया जाएगा।
जीतू पटवारी ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव के समय गेहूं पर 2700 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य देने का वादा किया था, लेकिन आज किसान कम दरों पर अपनी उपज बेचने को मजबूर हैं। उन्होंने किसानों की वर्तमान स्थिति को "अन्यायपूर्ण" बताते हुए कहा कि अन्नदाता खाद की किल्लत, बारदाने की कमी, स्लॉट बुकिंग में तकनीकी गड़बड़ी और भूमाफियाओं के आतंक से जूझ रहा है।
7 मई के आंदोलन की रूपरेखा और प्रभावित क्षेत्र कांग्रेस का यह प्रस्तावित आंदोलन महाराष्ट्र सीमा (सेंधवा) से शुरू होकर राजस्थान सीमा (मुरैना) तक फैला होगा। पटवारी के अनुसार, यह महाचक्का जाम विशेष रूप से सेंधवा, बड़वानी, खरगोन, धार, देवास, शाजापुर, गुना, राजगढ़, शिवपुरी, ग्वालियर और मुरैना जिलों में केंद्रित रहेगा। पटवारी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी किसानों के हक की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ेगी।
इस सत्याग्रह के दौरान पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, विधायक सचिन यादव और संगठन उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे सहित कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने एक सुर में कहा कि सरकार विज्ञापनों में तो किसान कल्याण का ढोल पीट रही है, लेकिन हकीकत में किसान कर्ज के जाल में फंसता जा रहा है। यदि 7 मई से पहले सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो प्रदेश के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात पूरी तरह ठप करने की तैयारी है।