भ्रष्टाचार पर लोकायुक्त का प्रहार: 2 लाख की रिश्वत लेते नगर परिषद का उपयंत्री रंगे हाथ गिरफ्तार
भोपाल। भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहीम जारी रखते हुए भोपाल लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार को राजधानी के पॉश इलाके में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। रायसेन जिले की नगर परिषद उदयपुरा में पदस्थ उपयंत्री (Sub-Engineer) दीपांशु पटेरिया को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए भोपाल के 6 नंबर हॉकर्स कॉर्नर से रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।
सिक्योरिटी डिपॉजिट और सर्टिफिकेट के बदले मांगी थी घूस
यह पूरी कार्रवाई जयंत चतुर्वेदी (नवीन बिल्डकॉम) की शिकायत पर आधारित थी। शिकायतकर्ता ने उदयपुरा नगर परिषद क्षेत्र में बस स्टैंड और मुख्य मार्ग पर सीसी रोड का निर्माण कार्य पूर्ण किया था। इस कार्य के बदले विभाग में जमा उनकी सुरक्षा निधि (Security Deposit) को रिलीज करने और कार्य का अनुभव प्रमाण-पत्र (Experience Certificate) जारी करने की एवज में आरोपियों द्वारा कुल 5 लाख रुपये की मांग की जा रही थी।
हॉकर्स कॉर्नर पर बिछाया गया जाल
शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। मंगलवार, 28 अप्रैल को जैसे ही दीपांशु पटेरिया संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास के समीप स्थित 6 नंबर हॉकर्स कॉर्नर पर रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 2 लाख रुपये लेने पहुँचा, पहले से मुस्तैद लोकायुक्त टीम ने उसे दबोच लिया।
इन पर दर्ज हुआ मामला
लोकायुक्त पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को नामजद किया है। इनमें उपयंत्री दीपांशु पटेरिया को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नगर परिषद उदयपुरा के सहायक ग्रेड-2 शंकर साहू को भी आरोपी बनाया गया है। दोनों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधन 2018) की विभिन्न धाराओं और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
इस सफल ट्रैप टीम में डीएसपी अजय मिश्रा, डीएसपी वीरेंद्र सिंह, निरीक्षक रजनी तिवारी और घनश्याम सिंह मर्सकोले सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।