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सावधान! 1 मई से बदल रहे हैं LPG गैस सिलेंडर के नियम; OTP के बिना नहीं मिलेगी डिलीवरी, जानें बड़े बदलाव

LPG gas cylinder delivery agent asking for OTP from customer in India

नई दिल्ली। यदि आप भी रसोई गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। आगामी 1 मई 2026 से देशभर में LPG सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। सरकार और तेल कंपनियों द्वारा लागू किए जा रहे इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य गैस की कालाबाजारी को रोकना और वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना है।

1. बिना OTP के नहीं मिलेगा सिलेंडर (DAC प्रणाली)

नए नियमों के अनुसार, अब गैस सिलेंडर की डिलीवरी के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) यानी OTP अनिवार्य कर दिया गया है।

  • कैसे काम करेगा: सिलेंडर बुक करने के बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक कोड आएगा।
  • डिलीवरी के समय: जब डिलीवरी बॉय आपके घर आएगा, तो आपको वह कोड उसे बताना होगा। कोड मैच होने पर ही डिलीवरी की प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी। इससे गैस चोरी और फर्जी बुकिंग पर लगाम लगेगी। रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में लगभग 94% डिलीवरी पहले ही इस सिस्टम के दायरे में आ चुकी हैं।

2. बुकिंग के बीच का समय बढ़ाया गया

गैस सिलेंडर की रिफिलिंग के लिए अब आपको पहले से ज्यादा इंतजार करना पड़ सकता है। सरकार ने दो बुकिंग के बीच के अनिवार्य अंतराल (Interval) को तर्कसंगत बनाया है:

  • शहरी क्षेत्र: अब सिलेंडर बुक करने के बीच का अंतर 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।
  • ग्रामीण क्षेत्र: ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओं के लिए यह अंतर 45 दिन तक निर्धारित है।
  • ध्यान दें: यदि आप तय समय सीमा से पहले बुकिंग का प्रयास करेंगे, तो सिस्टम उसे स्वीकार नहीं करेगा और बुकिंग अपने आप रिजेक्ट हो जाएगी।

3. आधार eKYC और उज्ज्वला योजना

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों के लिए सरकार ने आधार आधारित eKYC को अनिवार्य बना दिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं ने अब तक अपनी बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें इसे जल्द पूरा करना होगा। जो ग्राहक पहले ही eKYC करा चुके हैं, उन्हें इसे दोबारा करने की आवश्यकता नहीं है।

4. कीमतों में संशोधन की संभावना

अंतरराष्ट्रीय बाजार में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर 1 मई को होने वाली मासिक समीक्षा में दिख सकता है। तेल कंपनियां (IOC, BPCL, HPCL) हर महीने की पहली तारीख को कीमतों में संशोधन करती हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि नई डिलीवरी और बुकिंग लागतों के चलते कीमतों में कुछ बदलाव हो सकता है।