दमोह में 'गैंगवार' जैसी भसड़! बच्चों के झगड़े में कूदे बड़े, इंद्रा कॉलोनी में जमकर चले लाठी-डंडे, 8 लहूलुहान
दमोह। शहर की इंद्रा कॉलोनी में शुक्रवार की रात अचानक से 'कुरुक्षेत्र' में बदल गई। पुरानी रंजिश और बच्चों के बीच हुई एक मामूली सी कहासुनी ने ऐसा भयानक तूल पकड़ा कि दो गुटों के बीच सड़क पर ही खूनी संघर्ष हो गया। इस मारपीट में जमकर लाठी-डंडे और लात-घूंसे चले। बात इतनी बिगड़ गई कि औरतों को भी नहीं बख्शा गया। इस पूरी भसड़ में महिलाओं सहित दोनों पक्षों के 8 लोग बुरी तरह लहूलुहान हो गए हैं, जिन्हें आनन-फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंच गई है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
इस खूनी बवाल की बड़ी बातें एक नज़र में:
- कहां हुआ बवाल: दमोह शहर के बीचों-बीच स्थित इंद्रा कॉलोनी में।
- कौन भिड़े आपस में: पुरानी रंजिश के चलते राठौर और रायकवार समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए।
- विवाद की जड़: झगड़े की शुरुआत बच्चों के बीच हुई एक छोटी सी कहासुनी से हुई थी, जिसने बाद में हिंसक रूप ले लिया।
- घायलों की स्थिति: लाठी-डंडों के प्रहार से 8 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं।
पुरानी रंजिश की आग और बच्चों का बहाना
इंद्रा कॉलोनी के स्थानीय लोगों की मानें तो इन दोनों पक्षों (राठौर और रायकवार गुट) के बीच पहले से ही किसी बात को लेकर पुरानी रंजिश सुलग रही थी। शुक्रवार रात बच्चों के बीच खेल-खेल में या किसी बात पर मामूली कहासुनी हुई। कायदे से बड़ों को बीच-बचाव कर मामला शांत कराना चाहिए था, लेकिन यहां तो उलटी ही गंगा बह गई।
बच्चों का विवाद बड़े लोगों के ईगो पर आ गया और पुरानी दुश्मनी का हिसाब चुकता करने के लिए दोनों तरफ से लोग लाठी-डंडे लेकर सड़क पर उतर आए। देखते ही देखते गालियों का दौर लात-घूंसों और लट्ठबाजी में तब्दील हो गया।
अस्पताल में मची चीख-पुकार, एक्शन में कोतवाली पुलिस
इस हिंसक झड़प में दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर कोई रहम नहीं खाया। महिलाओं समेत जो भी बीच में आया, वह चोटिल हुआ। लहूलुहान हालत में सभी 8 घायलों को दमोह के जिला अस्पताल के इमरजेंसी वॉर्ड में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घायलों की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि झगड़ा कितना खौफनाक था।
घटना की खबर लगते ही दमोह कोतवाली पुलिस की गाड़ी सायरन बजाते हुए मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने तुरंत भीड़ को तीतर-बीतर किया और हालात को काबू में लिया। पुलिस ने अस्पताल जाकर घायलों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब देखना यह है कि इस खूनी खेल को शुरू करने वाले असली गुनहगारों पर पुलिस का डंडा कब और कैसे चलता है!
