ADVERTISEMENT

दमोह के डुगरूपुरा गांव में शराबबंदी: शराब बेची तो 11 हजार का फाइन, पीकर बवाल काटा तो 'हुक्का-पानी' बंद, महिलाओं ने लिया तगड़ा एक्शन

Villagers and women holding panchayat to ban alcohol in Dugrupura Damoh - damoh today news

दमोह। जो काम कई बार प्रशासन और पुलिस का डंडा नहीं कर पाता, वो गांव वालों की एकजुटता चुटकियों में कर देती है। मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक ऐसी पॉजिटिव खबर आई है, जिसे सुनकर आप भी कहेंगे— "वाह! गांव हो तो ऐसा।" दमोह के बटियागढ़ ब्लॉक के डुगरूपुरा गांव ने सर्वसम्मति से 'शराबबंदी' (Alcohol Ban) का ऐतिहासिक फैसला लिया है।

अब अगर इस गांव में किसी ने शराब या गांजा बेचने की हिमाकत की, तो उसकी खैर नहीं! शनिवार दोपहर गांव में एक विशाल सामूहिक पंचायत बैठी, जिसमें महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर मोर्चा संभाला। इस पंचायत में बकायदा मगरोन थाना प्रभारी भी मौजूद रहे और गांव वालों ने मिलकर कुछ कड़क नियम बना दिए।

गांव के 'सुप्रीम' नियम, जो अब सबको मानने होंगे:

  • शराब बेचने पर भारी जुर्माना: अगर गांव की सीमा में कोई भी अवैध शराब या गांजा बेचता पकड़ा गया, तो उस पर सीधा 11,000 रुपये का फाइन ठोका जाएगा।
  • पीकर बवाल काटने वालों की खैर नहीं: जो लोग शराब पीकर गाली-गलौज करते हैं या मोहल्ले में हंगामा करते हैं, उन्हें 5,100 रुपये का दंड भुगतना होगा।
  • हुक्का-पानी बंद (सामाजिक बहिष्कार): सिर्फ जुर्माना ही नहीं, ऐसे दोषियों को गांव के सभी सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों (जैसे शादी-विवाह, कथा-कीर्तन) से पूरी तरह बहिष्कृत कर दिया जाएगा।
  • सरकारी योजनाओं से भी 'आउट': पंचायत ने यह भी तय किया है कि नशा बेचने और बवाल काटने वालों को किसी भी शासकीय योजना का लाभ नहीं लेने दिया जाएगा।

दर्द छलका तो औरतों ने उठाया लट्ठ

आखिर अचानक गांव वालों को इतना कड़ा फैसला क्यों लेना पड़ा? इस पंचायत में मौजूद महिला 'हेमा' ने जब अपनी परेशानी बताई, तो वहां बैठी हर महिला की आंखें छलक आईं और गुस्सा भी फूट पड़ा।

हेमा ने बेबाकी से कहा:

"शराब पीकर आने वाले पति घर में रोज मारपीट करते हैं। नशे की लत इतनी बुरी है कि लोग घर का राशन और सामान तक बेच देते हैं। इस वजह से गांव का पूरा माहौल खराब हो रहा है और हमारी जिंदगी नर्क बन गई है।"

वहीं, पंचायत में मौजूद ग्रामीण बहादुर सिंह और राजेश मिश्रा ने बताया कि अवैध शराब की चौपालों के कारण गांव में आए दिन खूनी विवाद होते रहते हैं। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि गांव के छोटे-छोटे बच्चे भी इस नशे की लत का शिकार हो रहे थे। बस, इसी बर्बादी को रोकने के लिए पूरे गांव ने एक साथ आकर यह तगड़ा एक्शन लिया है।

Damoh Dugrupura Village Alcohol Ban Panchayat

इस पंचायत में कौन-कौन रहा मौजूद?

नशामुक्ति के इस महा-अभियान में पौड़ी फतेहपुर पंचायत की सरपंच हेमलता और सरपंच प्रतिनिधि बिहारी ने अहम भूमिका निभाई। इस चौपाल में मगरोन पुलिस के साथ-साथ ओंकार मिश्रा, प्रेम पटेल, गिरन सिंह, गोपाल पटेल, जौधन सिंह, संदीप गर्ग, रामचन्द्र सेन, प्रहलाद सिंह और महिलाओं में दशोदा पटेल, श्री बाई, राधारानी, राजप्यारी, हल्की बहू, मीना, संध्या सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।

डुगरूपुरा गांव का यह फैसला पूरे दमोह जिले ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक शानदार मिसाल है। अगर हर गांव इसी तरह नशे के खिलाफ खड़ा हो जाए, तो समाज की आधी बीमारियां और अपराध यूं ही खत्म हो जाएंगे!