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दमोह: कलेक्टर के औचक निरीक्षण से प्रशासनिक अमले में हड़कंप, लापरवाही पर शिक्षक निलंबित, 9 स्वास्थ्यकर्मियों का कटा वेतन

Damoh Collector Pratap Narayan Yadav inspecting schools and health centres in Sadguwa and Lakshmankuti - damoh today news

दमोह। जिले में शासकीय कार्यों को समय-सीमा के भीतर सुचारू रूप से संचालित करने और शासकीय अमले की जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने प्रशासनिक गतिविधियों में व्याप्त लापरवाही और अनियमितताओं का आकलन करने के लिए सुबह 9 बजे लक्ष्मणकुटी, महंतपुर एवं सदगुवां क्षेत्र का आकस्मिक निरीक्षण किया।

इस औचक निरीक्षण के दौरान कर्तव्य में घोर लापरवाही बरतने पर एक शिक्षक को निलंबित करने के निर्देश दिए गए, जबकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के 9 अधिकारियों-कर्मचारियों का 3-3 दिन का वेतन काटने की कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त, व्यवस्थाओं में कमी पाए जाने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) और जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किए गए हैं।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सदगुवां: डॉक्टर सहित 9 कर्मचारी नदारद

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव सुबह 10:35 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सदगुवां पहुंचे। निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय में पदस्थ डॉक्टरों सहित कुल 9 कर्मचारी अपने कर्तव्य स्थल से अनुपस्थित पाए गए। स्वास्थ्य सेवाओं में इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और सभी 9 अनुपस्थित चिकित्सकों एवं स्टाफ का 3-3 दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य केंद्र की इस अव्यवस्था पर जवाबदेही तय करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

स्कूल निरीक्षण: 14 शिक्षकों पर महज 14 छात्राएं, टाइम-टेबल का अता-पता नहीं

कलेक्टर ने लक्ष्मणकुटी क्षेत्र के शैक्षणिक संस्थानों का भी सघन जायजा लिया, जहां शिक्षा की गुणवत्ता और प्रबंधन को लेकर गंभीर कमियां उजागर हुईं:

  • PM श्री शासकीय एकीकृत हाई स्कूल लक्ष्मणकुटी: कलेक्टर जब कक्षा दसवीं के क्लास रूम में पहुंचे, तो वहां केवल 14 छात्राएं उपस्थित थीं, जबकि संस्थान में 14 शिक्षक पदस्थ हैं। पूछताछ के दौरान छात्राओं को परीक्षा या कक्षाओं के टाइम-टेबल की जानकारी तक नहीं थी। कलेक्टर ने परिसर में टाइम-टेबल का प्रदर्शन करने और छात्रों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।
  • प्राथमिक शाला लक्ष्मणकुटी: इस विद्यालय में 2 शिक्षक पदस्थ हैं, जिनकी तुलना में केवल 4 बच्चे उपस्थित मिले। शिक्षिकाएं कक्षा में अध्यापन कराने के बजाय टेबल वर्क में व्यस्त थीं। कलेक्टर ने स्वयं बच्चों से चर्चा की और उनकी कॉपियां जांचीं। जांच में सामने आया कि दो दिन पूर्व का दिया गया होमवर्क भी शिक्षकों द्वारा चेक नहीं किया गया था। कलेक्टर ने प्रतिदिन कॉपियां जांचने के निर्देश देते हुए कार्य के प्रति अप्रसन्नता व्यक्त की।

महंतपुर: शिक्षक निलंबित, आंगनबाड़ी केंद्र में मिले शून्य बच्चे

कलेक्टर ने सुबह 9:40 बजे शासकीय प्राथमिक शाला महंतपुर का निरीक्षण किया। यहां पदस्थ दो शिक्षकों में से प्रधानाध्यापक संजीव ठाकुर उपस्थित मिले, जबकि शिक्षक प्रदीप बिल्थरे बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए। कलेक्टर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अनुपस्थित शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।

इसके पश्चात, उन्होंने महंतपुर के आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। केंद्र पर सहायिका मालती अहिरवार तो उपस्थित थीं, परंतु आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कविता राज अनुपस्थित पाई गईं। सबसे गंभीर स्थिति यह रही कि केंद्र पर एक भी बच्चा उपस्थित नहीं था। इस अव्यवस्था पर कड़ा संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाइजर, परियोजना अधिकारी (PO) तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।