छतरपुर में सांप्रदायिक तनाव: एक्सीडेंट के बाद मुस्लिम युवकों का हमला, हिंदू बच्ची को सड़क पर फेंका, पुलिस पर भारी पथराव
छतरपुर – छतरपुर में गुरुवार देर रात एक मामूली सड़क हादसे ने अचानक भयानक सांप्रदायिक और हिंसक मोड़ ले लिया। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत महोबा रोड पर स्थित विंध्यवासिनी मंदिर पुलिस चौकी के समीप मुस्लिम समुदाय (Muslim Community) के युवकों द्वारा एक हिंदू परिवार (Hindu Family) पर किए गए जानलेवा हमले के बाद पूरे इलाके में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति निर्मित हो गई है। इस हिंसक झड़प में उपद्रवियों ने न केवल एक दंपती को बेरहमी से पीटा, बल्कि उनकी 3 साल की मासूम बेटी को भी सड़क पर फेंक दिया। जब पुलिस बल मौके पर शांति व्यवस्था बनाने मुस्लिम बहुल क्षेत्र टोरिया मोहल्ला पहुंचा, तो उपद्रवियों ने पुलिस टीम और स्थानीय लोगों पर भी पथराव कर दिया। हिंदूवादी संगठनों के मैदान में उतरने के बाद शहर में तनाव गहरा गया है, जिसे देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
लापरवाही का विरोध करने पर मुस्लिम लड़कों ने बुलाई भीड़, मासूम को भी नहीं छोड़ा
घटना की शुरुआत गुरुवार रात करीब 8:30 बजे हुई, जब सौरा रोड तिगड्डा निवासी योगेंद्र कुमार श्रीवास (25) अपनी पत्नी कोमल श्रीवास और 3 वर्षीय बेटी अन्वी के साथ स्कूटी से घर लौट रहे थे। इसी दौरान टोरिया मोहल्ले (Toria Muhalla) के तीन मुस्लिम युवक पल्सर बाइक को हवा में लहराते हुए और अत्यधिक लापरवाही से चलाते हुए आए और उन्होंने योगेंद्र की स्कूटी को सामने से टक्कर मार दी।
जब पीड़ित योगेंद्र ने इस खतरनाक ड्राइविंग पर आपत्ति जताई और इलाज की मांग करते हुए बाइक की चाबी निकाल ली, तो बाइक सवार मुस्लिम युवक भड़क गया। वह तुरंत दौड़कर अपने क्षेत्र टोरिया मोहल्ला गया और कुछ ही मिनटों में लाठी-डंडों व धारदार हथियारों से लैस मुस्लिम समुदाय के आधा दर्जन से अधिक लड़कों को लेकर वापस आ गया। आरोपियों ने आते ही हिंदू परिवार पर हमला बोल दिया। घायल महिला कोमल श्रीवास ने रोते हुए गंभीर आरोप लगाया कि वह अपने पति की जान बख्शने के लिए हमलावरों के सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाती रहीं, लेकिन उपद्रवियों ने उनकी एक न सुनी और कोमल की गोद में रो रही 3 साल की मासूम बच्ची को जबरन छीनकर पक्की सड़क पर फेंक दिया, जिससे बच्ची के सिर और शरीर में गंभीर चोटें आई हैं।
टोरिया मोहल्ला में दो गुट आमने-सामने, पुलिस और वीडियो बना रहे युवक पर भारी पथराव
इस बर्बरता की सूचना जब पीड़ित परिवार के अन्य लोगों को लगी, तो वे भी मौके पर पहुंचे और आरोपियों के इलाके टोरिया मोहल्ला की तरफ बढ़े। इसके बाद हिंदू और मुस्लिम पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए और माहौल पूरी तरह सांप्रदायिक तनाव (Communal Tension) में तब्दील हो गया। दोनों गुटों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले और पथराव शुरू हो गया।
सूचना मिलते ही जब कोतवाली पुलिस की टीम उपद्रव शांत कराने टोरिया मोहल्ला पहुंची, तो वहां मौजूद मुस्लिम उपद्रवी तत्वों ने पुलिस टीम पर ही धावा बोल दिया। पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गई और उन पर पत्थरों की बारिश कर दी गई, जिससे शासकीय वाहनों के कांच टूट गए। इस दौरान पूरे घटनाक्रम का मोबाइल से वीडियो बना रहे उमाशंकर नामक एक स्थानीय हिंदू युवक पर भी पथराव किया गया, जिससे उसका सिर फट गया और वह लहूलुहान हो गया। हालात इतने बेकाबू और हिंसक हो चुके थे कि शुरुआती दौर में पुलिस को भी पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा। इस बीच इलाके में हवा में कई राउंड फायरिंग किए जाने की भी चर्चाएं हैं, जिससे दहशत फैल गई।
हिंदू संगठनों ने खोला मोर्चा, घरों में ताला लगाकर भागे आरोपी
घटना की भनक लगते ही विभिन्न हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भारी संख्या में मौके पर और अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने हिंदू परिवार पर हुए इस हमले को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया और आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई और उनके अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया।
सांप्रदायिक बवाल और भारी पुलिस बल (सिटी कोतवाली, सिविल लाइन और ओरछा रोड थाने की संयुक्त टीमें) को आता देख मुस्लिम उपद्रवी तत्व अपने-अपने घरों में ताले लटकाकर परिवार सहित वहां से फरार हो गए। इलाके में फैले सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने खुद कमान संभाली और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल को मार्च कराया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रात में ही दबिश देकर उपद्रव में शामिल एक ही परिवार के चार मुस्लिम आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
जुल्फी और छोटू खान समेत 8 पर संगीन धाराओं में दो अलग-अलग FIR दर्ज
सीएसपी अरुण कुमार सोनी ने बताया कि एक्सीडेंट के बाद दो पक्षों में विवाद और पुलिस के साथ झूमाझटकी की घटना हुई है, जिसमें कुल 8 आरोपियों को चिन्हित किया गया है। सिटी कोतवाली पुलिस ने इस मामले में दो अलग-अलग प्राथमिकताएं दर्ज की हैं। पहली एफआईआर पीड़ित योगेंद्र श्रीवास की शिकायत पर दर्ज की गई है, जिसमें पुलिस ने मुख्य आरोपी जुल्फी, छोटू, साहिल, नीशू, छोटू खान, भूरा और दो अन्य अज्ञातों के खिलाफ दंगा भड़काने, मारपीट और तोड़फोड़ का मामला दर्ज किया है। वहीं, दूसरी एफआईआर पुलिस आरक्षक नरेश परिहार की शिकायत पर सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस टीम पर हिंसक हमला करने के आरोप में इन्हीं नामजद आरोपियों के खिलाफ दर्ज की गई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
