MP के स्कूलों में अब AI की पढ़ाई: पाठ्यक्रम में जुड़ेगी सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी; सीएम मोहन यादव ने शिक्षा विभाग को दिए बड़े निर्देश
भोपाल। मध्य प्रदेश में स्कूली शिक्षा की तस्वीर बदलने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) ने एक व्यापक और आधुनिक कार्ययोजना तैयार की है। 21 मई को स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के लिए शिक्षा की नींव को और मजबूत करने का संकल्प लिया। नई व्यवस्था के तहत न केवल पाठ्यक्रम में ऐतिहासिक महापुरुषों को शामिल किया जाएगा, बल्कि व्यावसायिक कौशल और तकनीक आधारित शिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पाठ्यक्रम में शामिल होंगे इतिहास के गौरव और सांदीपनि की शिक्षा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि स्कूली पाठ्यक्रम में सम्राट वीर विक्रमादित्य की गौरवशाली जीवनी को शामिल किया जाए। इसके साथ ही भगवान श्री कृष्ण के गुरु सांदीपनि के जीवन पर आधारित एक रोचक पुस्तक तैयार की जाएगी, ताकि नई पीढ़ी अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़ सके। विभाग को 'सांदीपनि विद्यालय' की अवधारणा को प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना बनाने का जिम्मा सौंपा गया है।
व्यावसायिक प्रशिक्षण और एआई (AI) कौशल पर जोर
शिक्षा को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी कक्षाओं में व्यावसायिक प्रशिक्षण (Vocational Training) देने के निर्देश दिए हैं। अब स्कूलों में कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई होगी। इतना ही नहीं, कक्षा 8 से 12 तक के विद्यार्थियों को एआई (AI) कौशल में दक्ष बनाने के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है। इसके अलावा, शासकीय स्कूलों में एनसीसी (NCC) और एनएसएस (NSS) को बढ़ावा देने के साथ ही विद्यार्थियों के स्वास्थ्य परीक्षण और प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
ड्रॉप-आउट विद्यार्थियों के लिए 'शिक्षा घर योजना'
समीक्षा बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा द्वारा प्रस्तुत 'शिक्षा घर योजना' (Shiksha Ghar Yojana) को सैद्धांतिक सहमति दी गई है। यह योजना उन किशोर-किशोरियों और युवाओं के लिए वरदान साबित होगी, जो किसी कारणवश अपनी स्कूली शिक्षा पूरी नहीं कर सके थे। इस योजना के माध्यम से वे विद्यार्थी पुन: हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी परीक्षा उत्तीर्ण कर सकेंगे। इसका क्रियान्वयन मध्य प्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड (MP State Open School Education Board) द्वारा किया जाएगा।
नामांकन दर में रिकॉर्ड वृद्धि, शत-प्रतिशत परिणाम वाले स्कूलों का होगा सम्मान
स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, सरकार के प्रयासों का सकारात्मक असर नामांकन दर पर भी दिखा है। वर्ष 2025-26 में शासकीय विद्यालयों में कक्षा-1 के नामांकन में करीब 32.4 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि जिन स्कूलों ने बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत या 90-95 प्रतिशत से अधिक परिणाम दिए हैं, उन्हें सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाए। साथ ही, उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारियों (District Education Officers) को स्थानीय विधायकों के साथ समन्वय बनाकर स्कूलों में भौतिक और मानव संसाधन की कमी दूर करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने अतिथि शिक्षकों (Guest Teachers) की भर्ती प्रक्रिया 1 जुलाई से पहले पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं ताकि शैक्षणिक सत्र में किसी प्रकार का व्यवधान न हो। साथ ही, 1 जुलाई से 29 जुलाई के बीच 'शिक्षक वंदना' कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
