40 लाख फॉलोअर्स वाले यूट्यूबर 'पोक्कभान' ने किया सरेंडर: ब्राह्मण समाज पर अभद्र टिप्पणी के बाद से था फरार

Famous YouTuber Manish Patel Pokkbhan surrenders to Rewa Police

Manish Patel Rewa Pokkbhan Surrender: सोशल मीडिया पर अपनी कॉमेडी वीडियो के जरिए प्रसिद्ध हुए रीवा के यूट्यूबर मनीष पटेल, जो 'पोक्कभान' नाम से जाने जाते हैं, ने आखिरकार चार महीने की लंबी फरारी के बाद सिविल लाइन पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। मनीष पटेल पर इस साल 29 जनवरी 2026 को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर ब्राह्मण समाज की युवतियों और बहू-बेटियों के प्रति बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है।

विवादित वीडियो और समाज में आक्रोश

खुटहा गांव के निवासी मनीष पटेल ने वेलेंटाइन वीक के दौरान एक कॉमेडी वीडियो पोस्ट किया था। इस वीडियो में ब्राह्मण समाज की बहू-बेटियों को लेकर की गई टिप्पणियों ने समाज में भारी आक्रोश पैदा कर दिया था। सोशल मीडिया पर करीब 40 लाख फॉलोअर्स वाले इस यूट्यूबर की हरकत के खिलाफ ब्राह्मण समाज के संगठनों ने रीवा में बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया और सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1)(ए) और 353(2) के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए थे।

हाई कोर्ट से लगा बड़ा झटका

गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने निचली अदालतों से लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट तक अग्रिम जमानत के प्रयास किए। हालांकि, सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कोर्ट को अवगत कराया कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही चोरी के पांच आपराधिक मामले लंबित हैं, जिसके चलते उसे जमानत नहीं दी जानी चाहिए। जस्टिस रामकुमार चौबे की एकल पीठ ने आरोपी की याचिका को खारिज कर दिया। हाई कोर्ट से राहत न मिलने और पुलिस के निरंतर दबाव के कारण, मनीष पटेल के पास सरेंडर करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था।

पुलिस रिमांड पर आरोपी, मोबाइल जब्त

सिविल लाइन थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस ने वह मोबाइल फोन बरामद कर लिया है जिसका उपयोग विवादित सामग्री पोस्ट करने के लिए किया गया था। वर्तमान में पुलिस उसके लैपटॉप, कंप्यूटर और अन्य दस्तावेजों को खंगाल रही है ताकि मामले से जुड़े अन्य डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा सकें।

यह पहला मौका नहीं है जब मनीष पटेल विवादों में घिरा हो; इससे पहले भी उस पर सेना के जवानों और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले कंटेंट को लेकर शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।