1 जून तक इंतजार! तकनीकी खामियों के चलते फिर टली CBSE 12वीं की रीवैल्यूएशन प्रक्रिया

CBSE 12th revaluation and verification schedule 2026

नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के 12वीं कक्षा के रीवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) और वेरिफिकेशन का इंतजार कर रहे लाखों छात्रों को फिलहाल और प्रतीक्षा करनी होगी। तकनीकी खामियों के कारण रीवैल्यूएशन पोर्टल आज भी लाइव नहीं हो पाया है। शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने इस प्रक्रिया को अब 1 जून 2026 से शुरू करने का निर्णय लिया है।

छात्रों में बढ़ी चिंता

इस वर्ष 4 लाख से अधिक छात्रों ने रीवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने की इच्छा जताई है। यह तकनीकी देरी ऐसे समय में हुई है जब लखनऊ हाईकोर्ट में CBSE के 'ऑनस्क्रीन मार्किंग सिस्टम' को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि इस नई प्रणाली को जल्दबाजी में लागू किया गया, जिससे उनके रिजल्ट की सटीकता पर संदेह पैदा हो गया है।

रीवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन की समय-सीमा और शुल्क

सीनियर सेकेंडरी एग्जामिनेशन (2025-2026) के लिए CBSE ने शुल्क संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।

CBSE revaluation fees

कैसे करें आवेदन? (चरण-दर-चरण प्रक्रिया)

  1. वेबसाइट विजिट: सबसे पहले CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. पोर्टल चुनें: होम पेज पर 'Post Result Services' या 'Verification & Re-evaluation' लिंक पर क्लिक करें।
  3. लॉगिन: अपने रोल नंबर और एडमिट कार्ड ID के माध्यम से लॉगिन करें।
  4. विकल्प चयन: मार्क्स वेरिफिकेशन, रीवैल्यूएशन, या दोनों में से अपनी जरूरत का विकल्प चुनें।
  5. विषय का चुनाव: संबंधित विषयों और उन प्रश्न संख्याओं को चुनें जिनकी आप समीक्षा करवाना चाहते हैं।
  6. भुगतान: निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें।
  7. प्रिंट: आवेदन जमा करने के बाद कंफर्मेशन पेज का प्रिंट आउट अवश्य डाउनलोड कर लें।

महत्वपूर्ण नियम और सावधानियां

  • फीस रिफंड: यदि री-चेकिंग के बाद छात्र के अंकों में एक अंक की भी बढ़ोतरी होती है, तो CBSE द्वारा पूरी आवेदन फीस वापस कर दी जाएगी।
  • मार्क्स में बदलाव: छात्रों को यह समझना चाहिए कि दोबारा जांच के बाद मार्क्स बढ़ भी सकते हैं और कम भी हो सकते हैं। यदि कोई त्रुटि सुधारने के कारण अंक कम होते हैं, तो वही संशोधित अंक मान्य होंगे।
  • परामर्श: छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे केवल उन्हीं विषयों या प्रश्नों के लिए आवेदन करें, जिन्हें लेकर उन्हें पूरी तरह से विश्वास है, क्योंकि रीवैल्यूएशन प्रक्रिया में उत्तर पुस्तिका की संपूर्ण समीक्षा की जाती है।

शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे इस पोर्टल को त्रुटिहीन बनाने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरत रहे हैं, ताकि 1 जून को जब यह लाइव हो, तो लाखों छात्रों को किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या का सामना न करना पड़े।