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दमोह कलेक्टर का कड़ा एक्शन: गेहूं खरीदी केंद्र पर धांधली देख भड़के अधिकारी, ऑपरेटर और प्रबंधक समेत 4 पर FIR के निर्देश

दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने शनिवार दोपहर पथरिया ब्लॉक के चंपत पिपरिया गेहूं खरीदी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र पर किसानों के साथ हो रही अवैध वसूली और भारी अनियमितताएं सामने आईं, जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

किसानों ने खोली पोल: 100 रुपये और 5 किलो अतिरिक्त अनाज की वसूली

कलेक्टर ने जब किसानों से एकांत में चर्चा की, तो भ्रष्टाचार की परतें खुलने लगीं। किसान श्रीराम पटेल ने आरोप लगाया कि पल्लेदारी के नाम पर उनसे 100 रुपये प्रति क्विंटल की अवैध वसूली की जा रही है और ऑपरेटर प्रवीण दुबे इसमें मुख्य भूमिका निभा रहा है। वहीं, किसान वृंदावन पटेल ने शिकायत की कि तुलाई के समय हर किसान से 5 किलो अतिरिक्त गेहूं लिया जा रहा है। वेयरहाउस मालिक और पल्लेदारों की मिलीभगत से अधिक तौल करने का प्रयास भी पकड़ा गया।

कंप्यूटर ऑपरेटर की बड़ी लापरवाही

जांच के दौरान ऑपरेटर रूम में भी गंभीर गड़बड़ी मिली। कलेक्टर ने देखा कि ऑपरेटर द्वारा 24 अप्रैल की पर्चियां 2 मई को बनाई जा रही थीं। समय पर पर्ची न देना शासन के निर्देशों का सीधा उल्लंघन पाया गया, जिस पर कलेक्टर ने सख्त नाराजगी व्यक्त की।

इन लोगों पर दर्ज होगी FIR

शिकायतों और मौके पर मिली खामियों के आधार पर कलेक्टर ने नरसिंहगढ़ चौकी प्रभारी को बुलाकर निम्नलिखित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश दिए:

  • विशाल पटेल: वेयरहाउस मालिक
  • अशोक पटेल: समिति प्रबंधक
  • प्रवीण दुबे: कंप्यूटर ऑपरेटर
  • चौकीदार: ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी

लापरवाही बर्दाश्त नहीं, किसानों से अपील

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने स्पष्ट किया कि समिति प्रबंधक ने अपने अधीनस्थों पर नियंत्रण नहीं रखा और किसानों को अवैध पैसे देने के लिए प्रेरित किया, जो कि अक्षम्य है। उन्होंने सभी किसानों से अपील की है कि वे शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अलावा किसी को एक भी पैसा न दें। यदि कोई भी कर्मचारी या अधिकारी रुपयों की मांग करता है, तो इसकी सूचना तुरंत जिला प्रशासन को दी जाए। निरीक्षण के दौरान खाद्य अधिकारी प्रिया कोस्टा और अन्य प्रशासनिक अमला भी मौजूद रहा।