दमोह टोल नाके पर गुंडागर्दी: गढ़ाकोटा के मुकेश यादव और साथियों ने मचाया खूनी तांडव; लाखों की मशीनें व कंप्यूटर तोड़े, 2 कर्मचारी गंभीर रूप से घायल
दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह-सागर स्टेट हाईवे से आधी रात को गुंडागर्दी और तोड़फोड़ की एक बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है। हाइवे पर स्थित कोरासा गांव के आगे संचालित टोल नाके पर मंगलवार रात करीब 12 बजे बदमाशों ने जमकर उत्पात मचाया। टोल टैक्स के भुगतान की मामूली बात को लेकर भड़के बदमाशों ने टोल पर लगी लाखों रुपये की आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक मशीनों और कंप्यूटरों को लाठी-डंडों से तोड़कर मलबे में तब्दील कर दिया।
यह पूरी वारदात टोल नाके पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में कैद हो गई है। फुटेज में आधा दर्जन से अधिक बदमाश टोल कर्मियों पर लाठियां बरसाते और तोड़फोड़ करते हुए साफ नजर आ रहे हैं। इस जानलेवा हमले में दो सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल दमोह में भर्ती कराया गया है।
टोल टैक्स मांगने पर भड़का गढ़ाकोटा का मुकेश यादव, साथियों संग किया हमला
टोल बैरियर के स्टाफ से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सागर जिले के गढ़ाकोटा का रहने वाला मुकेश यादव अपनी कार से अपने करीब 6 से अधिक साथियों के साथ दमोह की तरफ आ रहा था। कोरासा टोल नाके पर जब तैनात कर्मचारियों ने नियमानुसार निर्धारित टोल शुल्क की मांग की, तो मुकेश यादव भड़क गया और कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज करने लगा।
देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि कार में सवार सभी 6-7 लोग लाठी-डंडे लेकर बाहर निकल आए और उन्होंने टोल के केबिनों में घुसकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। बदमाशों ने काउंटर पर रखे कंप्यूटर सिस्टम, प्रिंटर और टैक्स कलेक्शन मशीनों को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया।
डंडों से बेरहमी से पीटा, कर्मचारियों ने लगाया 15 हजार की लूट का आरोप
इस बर्बर हमले में ड्यूटी पर मौजूद दो कर्मचारी धीरेंद्र सिंह तोमर और मदन सिंह परिहार गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायल मदन सिंह ने बताया, "कार सवार मुख्य व्यक्ति ने चिल्लाते हुए खुद को गढ़ाकोटा का मुकेश यादव बताया था और रोब झाड़ते हुए सीधे डंडों से हमला कर दिया।"
वहीं दूसरे घायल कर्मचारी धीरेंद्र सिंह तोमर ने आरोप लगाया कि जब वे जान बचाने के लिए भागे, तो बदमाशों ने केबिन के दराज में रखे टोल कलेक्शन के करीब 15 हजार रुपये नकद भी लूट लिए और वाहन सहित मौके से तेजी से फरार हो गए। घटना के वक्त वहां 10 से अधिक अन्य कर्मचारी भी मौजूद थे, जिन्होंने छिपकर अपनी जान बचाई और पुलिस को फोन किया।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घेराबंदी, लूट के दावे पर पुलिस को संदेह
वारदात की खबर मिलते ही देहात थाना टीआई अमित गौतम और सागर नाका चौकी प्रभारी विक्रम सिंह दांगी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों के बयान दर्ज किए और आरोपियों की धरपकड़ के लिए गढ़ाकोटा और सागर मार्ग पर नाकेबंदी करवाई।
इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए दमोह के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) सुजीत सिंह भदोरिया ने बताया, "रात में कोरासा टोल नाके पर मारपीट और तोड़फोड़ की सूचना मिली थी, जिसमें दो कर्मचारी चोटिल हुए हैं। प्राथमिक तौर पर जो सीसीटीवी फुटेज सामने आए हैं, उनमें आरोपी तोड़फोड़ और मारपीट करते तो साफ दिख रहे हैं, लेकिन पैसे लूटने के विजुअल्स फिलहाल स्पष्ट नहीं हैं। पुलिस वहां के सभी कैमरों के बैकअप को खंगाल रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें रवाना कर दी गई हैं।"
कैशलेस और फास्टैग (FASTag) सिस्टम बनेगा जांच का आधार
एडिशनल एसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि चूंकि आजकल हाईवे पर अधिकांश वाहनों में फास्टैग (FASTag) और कैशलेस ट्रांजैक्शन का उपयोग होता है, इसलिए नगद कैश काउंटर पर बहुत कम रहता है। इसके अलावा जब रात में दूसरे कर्मचारियों की शिफ्ट चालू होती है, तो उसके पहले पैसों का पूरा हिसाब-किताब जमा हो जाता है। ऐसे में 15 हजार की नगद लूट के आरोपों की प्रामाणिकता की जांच टोल के डिजिटल लॉग और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन रसीदों से मिलान करके बहुत ही बारीकी से की जा रही है। देहात थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर तलाश तेज कर दी है।
