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दमोह में ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बंद रहे मेडिकल स्टोर: मरीजों की बढ़ी परेशानी; जन औषधि केंद्रों पर लगी रही कतारें, दवा विक्रेताओं ने सौंपा ज्ञापन

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दमोह। ऑनलाइन दवा बिक्री (Online Pharmacy) के चलन के विरोध में देशभर के दवा विक्रेताओं द्वारा की गई हड़ताल का असर बुधवार को दमोह जिले में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। शहर के सभी मेडिकल स्टोर दिन भर बंद रहे, जिसके चलते आम मरीजों और उनके परिजनों को आवश्यक दवाइयां लेने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान शहर के अस्पताल चौराहे पर स्थित 'प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र' पर दवा लेने वालों की सुबह से ही लंबी कतारें देखी गईं।

कलेक्ट्रेट तक निकाली बाइक रैली, पीएम के नाम सौंपा ज्ञापन

विरोध प्रदर्शन के तहत, जिला औषधि विक्रेता संघ के बैनर तले सैकड़ों दवा विक्रेताओं ने शहर में एक विशाल बाइक रैली निकाली। विरोध दर्ज कराते हुए वे कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और एसडीएम को प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

दवा विक्रेताओं की प्रमुख मांगों में शामिल है:

  • ऑनलाइन दवा बिक्री (Online Pharmacy) को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए।
  • कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा दवाओं पर दिए जा रहे भारी-भरकम डिस्काउंट पर रोक लगाई जाए।
  • छोटे मेडिकल स्टोर संचालकों के व्यापारिक अस्तित्व को बचाने के लिए ठोस नीति बनाई जाए।

मेडिकल स्टोर संचालकों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऑनलाइन शॉपिंग की ओर बढ़ते रुझान से अगले 10 वर्षों में उनके व्यवसाय पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऑनलाइन चलन इसी तरह बढ़ता रहा, तो देश के लाखों छोटे दवा व्यवसायी पूरी तरह बंद हो जाएंगे।

जन औषधि केंद्र बना मरीजों का सहारा

शहर के मेडिकल स्टोर बंद होने के कारण मरीजों को दवाइयां पाने के लिए भटकना पड़ा। नीरज सोनी नामक एक परिजन ने बताया कि वे अपने पिता के इलाज के लिए दवा ढूँढ रहे थे, लेकिन शहर के सभी स्टोर बंद मिले। अंत में उन्हें प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर राहत मिली।

इस संबंध में जन औषधि केंद्र के फार्मासिस्ट अभिषेक सेन ने बताया, "हमें पहले ही निर्देश थे कि शासकीय स्टोर होने के नाते हमें पर्याप्त स्टॉक रखना है। हमारे पास शुगर, बीपी और हृदय संबंधी बीमारियों सहित करीब 382 प्रकार की दवाइयां उपलब्ध हैं। हमारा प्रयास है कि हड़ताल के दौरान किसी भी मरीज को इलाज में कोई बाधा न आए।"

प्रशासन की नजर और दवा विक्रेताओं की चेतावनी

दमोह जिले में बुधवार को सभी मेडिकल स्टोर बंद रखकर दवा विक्रेताओं ने अपनी एकता दिखाई। संघ का कहना है कि यह केवल एक शुरुआत है। यदि सरकार ने ऑनलाइन फार्मेसी को नियंत्रित नहीं किया, तो आने वाले समय में संघ और भी उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होगा। फिलहाल, प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है, जबकि मरीजों को हो रही असुविधा को देखते हुए सरकारी केंद्रों पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया है।