दमोह: बकरे की जगह दूसरा मांस देने का आरोप, कोतवाली में हिंदू संगठनों का प्रदर्शन; पुलिस ने शुरू की जांच

Protest outside Damoh Kotwali police station over meat delivery dispute

दमोह। जिला मुख्यालय के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले धर्मपुरा इलाके में शनिवार को मांस की आपूर्ति को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया. एक स्थानीय ऑटो चालक ने बकरे के मांस के स्थान पर प्रतिबंधित मांस दिए जाने का गंभीर आरोप लगाया है, जिसके बाद शहर में आक्रोष फैल गया और हिंदूवादी संगठनों ने थाने का घेराव कर दिया।

डिलीवरी के बाद खड़ा हुआ संदेह

मिली जानकारी के अनुसार, धर्मपुरा निवासी ऑटो चालक लकी अहिरवार ने गोलू कुरैशी नामक युवक को बकरे का मांस लाने के लिए कहा था. शनिवार सुबह गोलू उनके घर पर एक पॉलीथिन में मांस छोड़कर चला गया. लकी का कहना है कि जब उन्होंने पैकेट खोला तो उसमें मांस के बड़े टुकड़े देखकर उन्हें संदेह हुआ कि यह बकरे का मांस नहीं है।

आरोप है कि जब इस संबंध में लकी ने गोलू से संपर्क कर आपत्ति जताई, तो दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया. पीड़ित के मुताबिक, गोलू ने न सिर्फ उन्हें धमकी दी बल्कि उनके साथ छीना-झपटी और मारपीट भी की।

गौशाला से कोतवाली तक पहुंचा मामला

विवाद बढ़ने पर लकी अहिरवार तुरंत उस मांस को लेकर पुराना थाना परिसर स्थित गौशाला पहुंचे, जहां उन्होंने वहां मौजूद गौ-सेवकों को पूरी बात बताई. गौ-सेवक दीपक नेमा के अनुसार, पीड़ित ने उन्हें मारपीट और गलत मांस दिए जाने की जानकारी दी. इसके बाद घटना की खबर लगते ही विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी सक्रिय हो गए।

गुस्साए कार्यकर्ता पीड़ित और संबंधित सामग्री को लेकर सीधे कोतवाली थाना पहुंचे और आरोपी गोलू कुरैशी के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

लैब रिपोर्ट के बाद होगी अगली कार्रवाई

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विवादित सामग्री को पूरी तरह से जब्त कर लिया गया है और उसकी वैज्ञानिक पुष्टि के लिए सैंपल पशु चिकित्सा विभाग की लैब में भेज दिए गए हैं. पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट आते ही तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे।