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बांदकपुर में राशन दुकान और आंगनबाड़ियों पर कलेक्टर का छापा, मिली भारी अनियमितता

Damoh Collector Pratap Narayan Yadav inspecting a PDS ration shop and checking stock records in Bandakpur.

दमोह। जिले की सरकारी व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के लिए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव (Collector Pratap Narayan Yadav) का सख्त रुख लगातार जारी है। ग्रामीण क्षेत्रों के औचक निरीक्षण के इसी क्रम में कलेक्टर बांदकपुर और आनू क्षेत्र की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Public Distribution System) की राशन दुकानों और आंगनबाड़ी केंद्रों का जायजा लेने पहुंचे। इस दौरान मैदानी स्तर पर भारी लापरवाही और अनियमितताएं उजागर हुईं, जिस पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

राशन दुकान पर दावा 98 प्रतिशत वितरण का, स्टॉक रूम में मिला अतिरिक्त अनाज

कलेक्टर जब बांदकपुर स्थित सार्वजनिक वितरण प्रणाली की उचित मूल्य दुकान (Ration Shop) का निरीक्षण करने पहुंचे, तो वहां दस्तावेजों में खाद्यान्न का 98 प्रतिशत वितरण होना दर्शाया गया था। इस दावे की जमीनी हकीकत जांचने के लिए जब कलेक्टर खुद राशन दुकान के स्टॉक रूम (Stock Room) के भीतर पहुंचे, तो वहां का नजारा कुछ और ही था। दुकान के भीतर करीब 18 क्विंटल अतिरिक्त खाद्यान्न रखा हुआ पाया गया। वितरण के दावों और स्टॉक में मिले इस भारी अंतर को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने मौके से ही जिला खाद्य अधिकारी (District Food Officer) को मामले की जांच कर तत्काल कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए।

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तीन में से दो आंगनबाड़ी केंद्रों से बच्चे और कार्यकर्ता गायब, केवल सहायिका मिली

इसके बाद कलेक्टर महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति देखने पहुंचे। जब वे ग्राम आनू के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 167 में दाखिल हुए, तो केंद्र तो खुला मिला लेकिन वहां से बच्चे और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दोनों ही गायब थे, मौके पर सिर्फ एक सहायिका मौजूद थी। इसके बाद कलेक्टर बांदकपुर के आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 65 पहुंचे, वहां भी लापरवाही की वही कहानी दोहराई गई; केंद्र से बच्चे नदारद थे और कार्यकर्ता बिना किसी सूचना के अनुपस्थित पाई गईं।

आनू के केंद्र क्रमांक 81 में बच्चों को मिला हलवा, लापरवाही पर गिरेगी गाज

निरीक्षण के दौरान ग्राम आनू के ही आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 81 में स्थिति बेहतर पाई गई। यहां पंजीकृत 54 बच्चों में से 28 बच्चे केंद्र में उपस्थित मिले। प्रत्यक्षदर्शियों (Eyewitnesses) के अनुसार, कलेक्टर ने खुद बच्चों से बात की और व्यवस्थाएं देखीं, जहां बच्चों को सुबह के नाश्ते में हलवा वितरित किया गया था जिसे बच्चे खा रहे थे। दो केंद्रों में मिली घोर लापरवाही को लेकर कलेक्टर ने जिला कार्यक्रम अधिकारी (District Program Officer) को निर्देशित किया है कि अनुपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और संबंधित क्षेत्र की सुपरवाइजर (Supervisor) के विरुद्ध तत्काल कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने स्पष्ट लहजे में कहा है कि जिले के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में इसी तरह लगातार आकस्मिक दौरे (Surprise Visits) किए जाएंगे और शासकीय कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।