दमोह की बड़ी उपलब्धि: सीएम हेल्पलाइन के निराकरण में जिले को मिला 'ए-ग्रेड', कलेक्टर ने की सराहना
दमोह। दमोह जिला प्रशासन के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (CM Helpline) के शिकायतों के निराकरण में दमोह जिले ने 'ए-ग्रेड' (A-Grade) हासिल किया है। सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने इस सफलता के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इसे जिले के इतिहास का अब तक का सर्वश्रेष्ठ स्कोर बताया है।
आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता
कलेक्टर श्री यादव ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि लोक सेवा गारंटी एवं सीएम हेल्पलाइन के अंतर्गत जो भी आवेदन समय-सीमा से बाहर लंबित हैं, उनका तत्काल निराकरण किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं को हल करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके अलावा बैठक में उड़द खरीदी पंजीयन की तैयारियों और आगामी 29 मई को मुख्य सचिव द्वारा आयोजित होने वाली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
पेयजल संकट पर विशेष फोकस, 40 पंचायतों के सचिवों की बुलाई बैठक
जिले में पेयजल की स्थिति को लेकर कलेक्टर ने गंभीर रुख अपनाते हुए बताया कि जिन 40 पंचायतों से पानी संबंधी शिकायतें मिली हैं, उनके सचिवों की एक विशेष बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में जल निगम और पीएचई (PHE) विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे ताकि पंचायतवार समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही, जून में मानसून के आगमन को देखते हुए कलेक्टर ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पूर्व तैयारियों के कड़े निर्देश दिए हैं।
वेतन और मानदेय भुगतान के लिए शासन स्तर पर पहल
बैठक में बजट के अभाव में वेतन और मानदेय भुगतान में आ रही समस्याओं का मुद्दा भी उठा। कलेक्टर श्री यादव ने बताया कि सभी विभागों से जानकारी मंगाई गई है ताकि शासन स्तर पर पत्राचार कर समय पर बजट प्राप्त किया जा सके। उन्होंने उल्लेख किया कि हाल ही में जिले के दौरे पर आए पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल के समक्ष भी मनरेगा कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी का मुद्दा उठाया गया था, जिस पर मंत्री द्वारा तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
