दमोह: भाजपा नेता देवेंद्र राजपूत की मौत का सनसनीखेज खुलासा; हादसा नहीं हत्या थी, रिश्तेदारों ने ही स्कॉर्पियो से कुचला
देवेंद्र राजपूत हत्याकांड: मध्यप्रदेश के दमोह जिले में दमोह-सागर स्टेट हाईवे पर 12 मई 2026 को हुई भाजपा नेता देवेंद्र राजपूत की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जिसे शुरुआत में सड़क हादसा माना जा रहा था, वह दरअसल एक वीभत्स और सोची-समझी हत्या की साजिश निकली है। दमोह पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुरानी रंजिश और सुनियोजित कत्ल
दमोह एसपी आनंद कलादगी के अनुसार, बांसा तारखेड़ा के पूर्व मंडल अध्यक्ष देवेंद्र राजपूत (45) का अपने ही करीबी रिश्तेदारों के साथ पिछले 5-6 सालों से संपत्ति और अन्य कारणों को लेकर गहरा विवाद चल रहा था। इसी रंजिश का बदला लेने के लिए आरोपियों ने हत्या की साजिश रची।
मंगलवार शाम जब देवेंद्र लक्ष्मण कुटी मंदिर से दर्शन कर अपनी बाइक से सागर नाका चौकी की ओर लौट रहे थे, तभी उद्यानिकी कार्यालय के पास भोपाल पासिंग स्कॉर्पियो ने उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मारी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर मारने के बाद चालक ने गाड़ी को रिवर्स किया और दोबारा उनके ऊपर से निकाला ताकि उनकी मौत सुनिश्चित हो सके। टक्कर इतनी भीषण थी कि देवेंद्र राजपूत की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
राजनीतिक हलचल और पुलिस की तत्परता
जैसे ही देवेंद्र राजपूत की मौत की खबर फैली, दमोह में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गईं। भाजपा के वरिष्ठ नेता और वर्तमान विधायक जयंत मलैया तुरंत मौके पर और फिर अस्पताल पहुँचे। घटना की संवेदनशीलता और परिजनों द्वारा जताई गई हत्या की आशंका को देखते हुए एसपी ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन कर साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की।
सीसीटीवी से आरोपियों की पहचान, एक अब भी फरार
वारदात को अंजाम देकर आरोपी जबलपुर बायपास मार्ग पर स्कॉर्पियो (MP04SJ0999) छोड़कर फरार हो गए थे। पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज में दुर्गेश राजपूत के दो बेटे विशाल और वैभव राजपूत के साथ उनका चचेरा भाई अभिषेक राजपूत कार में नज़र आए हैं।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन नामजद आरोपियों में से दो को गिरफ्तार कर लिया है, जिनसे फिलहाल पूछताछ की जा रही है। वहीं, तीसरा आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद देवेंद्र राजपूत का शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
