नूरी नगर में बुजुर्ग महिला का शव मिलने से सनसनी; दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका, मकान सील
दमोह। शहर के नूरी नगर (महाकाली मंदिर के पास) में मंगलवार सुबह एक 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला का शव उनके किराए के कमरे में संदिग्ध अवस्था में मिलने से हड़कंप मच गया। महिला के शरीर की स्थिति और कमरे के हालात को देखते हुए प्रथम दृष्टया दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने फिलहाल मौके को सील कर दिया है और फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।
खुला दरवाजा देख पड़ोसियों को हुआ शक
मृतका की पहचान शरीफन बी (60 वर्ष) के रूप में हुई है। वार्ड पार्षद हिना खान ने बताया कि शरीफन बी पिछले दो सालों से मुजीब खान के मकान में किराए पर अकेली रहती थीं और बीड़ी बनाकर अपना गुजर-बसर करती थीं। मंगलवार सुबह जब पड़ोसियों ने उनके घर का दरवाजा खुला देखा और अंदर झांका, तो महिला मृत अवस्था में पड़ी थीं।
संदिग्ध हालात: मुंह में कपड़ा और अस्त-व्यस्त स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही सीएसपी एचआर पांडे और कोतवाली टीआई मनीष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। घटनास्थल के मुआयने के दौरान कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:
- कपड़े अस्त-व्यस्त: मृतका के कपड़े अस्त-व्यस्त पाए गए, जिससे उनके साथ गलत कृत्य की आशंका जताई जा रही है।
- मुंह में कपड़ा: महिला के मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ मिला, जो हत्या की ओर इशारा करता है।
- डॉग स्क्वायड: पुलिस की डॉग स्क्वायड टीम ने कमरे के अंदर और आसपास के रास्तों की सघन जांच की है।
सागर से बुलाई गई एफएसएल टीम
सीएसपी एचआर पांडे के अनुसार, मामला संदिग्ध होने के कारण सागर से एफएसएल (FSL) टीम और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स को बुलाया गया है। विशेषज्ञों के आने तक कमरे को सील कर दिया गया है। उनकी मौजूदगी में ही कमरे की सूक्ष्मता से तलाशी ली जाएगी ताकि आरोपियों के सुराग मिल सकें।
अकेली रहती थीं शरीफन बी
पुलिस जांच में पता चला है कि शरीफन बी के पति की मौत 12 साल पहले हो चुकी थी। उनका ससुराल बंडा (सागर जिला) के बरा गांव में था, लेकिन पिछले 10 सालों से वे दमोह में अपने मायके में रह रही थीं। कुछ समय से वे नूरी नगर में अकेली किराए पर रह रही थीं।
पुलिस का बयान: "महिला का शव संदिग्ध अवस्था में मिला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल की जांच के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा होगा। फिलहाल कमरे को सील कर मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।" — एचआर पांडे, सीएसपी