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दमोह में गौ सेवकों ने निकाली 'गौ सम्मान यात्रा': गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की उठी मांग, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

Gau Sevaks and religious leaders marching for 'Gau Samman Yatra' in Damoh city

दमोह। देशव्यापी अभियान के तहत सोमवार को दमोह जिले में गौ रक्षा और गौ सेवा के संकल्प के साथ विशाल 'गौ सम्मान यात्रा' का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय से लेकर हटा तहसील तक सैकड़ों गौ भक्त सड़कों पर उतरे। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य गाय को 'राष्ट्र माता' का दर्जा दिलाना और बढ़ती गौ हत्याओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग करना है।

5 किलोमीटर लंबी यात्रा और 5000 तहसीलों में ज्ञापन

यात्रा की शुरुआत दमोह के पुराना थाना क्षेत्र से हुई, जहाँ से सैकड़ों गौ भक्त शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए लगभग पांच किलोमीटर पैदल चलकर दमयंती नगर तहसील कार्यालय पहुँचे।

गौ सेवक नित्या प्यासी ने बताया कि यह आंदोलन अखिल भारतीय स्तर पर चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को देश की 5000 तहसीलों में एक साथ ज्ञापन सौंपकर अपनी आवाज बुलंद की गई है। उन्होंने दावा किया कि देश में प्रतिदिन होने वाली गौ हत्याओं को रोकने का एकमात्र उपाय गाय को संवैधानिक रूप से 'राष्ट्र माता' घोषित करना है।


प्रमुख बिंदु और मांगें:

  • आस्था का केंद्र: गौ भक्तों ने कहा कि गौ माता में सभी देवी-देवताओं का वास होता है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व है।
  • गंभीर आरोप: नित्या प्यासी ने आरोप लगाया कि देश में बड़े पैमाने पर गौ हत्याएं हो रही हैं और सरकार इस विषय पर मौन है।
  • समर्थन: इस मांग को नगर पुरोहित चंद्र गोपाल पौराणिक, विक्की गुप्ता और बांदकपुर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष रामकृपाल पाठक ने भी अपना पूर्ण समर्थन दिया।

हटा में संतों की उपस्थिति और प्रशासनिक कार्रवाई

जिला मुख्यालय के अलावा हटा में भी गौ सेवकों का भारी हुजूम देखा गया। यहाँ अजब धाम से पधारे संत रामानुग्रह दास 'छोटे सरकार' महाराज की गरिमामयी उपस्थिति में रैली निकाली गई।

  • दमोह: यहाँ गौ सेवकों ने तहसीलदार रॉबिन जैन को प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
  • हटा: यहाँ भी सैकड़ों की संख्या में एकत्रित होकर गौ भक्तों ने स्थानीय तहसीलदार को ज्ञापन देकर गौ हत्या पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की।