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किसानों को बड़ी राहत: अब 23 मई तक होगी गेहूं खरीदी, सीएम ने खुद केंद्र पहुंचकर जाना हाल

CM Mohan Yadav interacting with farmers at a wheat procurement center in Khargone

मध्यप्रदेश सरकार ने गेहूं उपार्जन व्यवस्था में आ रही चुनौतियों को देखते हुए किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है. न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं बेचने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि को बढ़ाकर अब 23 मई कर दिया गया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि जिन किसानों को अब तक स्लॉट नहीं मिल पाया है, उन्हें इस अतिरिक्त समय से अपनी उपज बेचने में आसानी होगी.

सीएम का औचक निरीक्षण और किसानों से संवाद

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को खरगोन जिले की मंडलेश्वर तहसील के कतरगांव स्थित उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया. महेश्वर प्रवास के दौरान अचानक केंद्र पहुंचे मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद किसानों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं जानीं. उन्होंने अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए कि किसानों को उपार्जन केंद्रों पर किसी भी प्रकार की असुविधा न हो.

खरीदी केंद्रों पर सुविधाओं और क्षमता में इजाफा

किसानों के लिए उपार्जन प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए सरकार ने कई तकनीकी और भौतिक बदलाव किए हैं:

तौल और क्षमता में सुधार

तौल के लिए किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े, इसके लिए केंद्रों पर तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है. एक केंद्र पर प्रतिदिन होने वाली गेहूं खरीदी की सीमा को 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल कर दिया गया है, जिसे जरूरत पड़ने पर जिला स्तर पर 3000 क्विंटल तक बढ़ाया जा सकता है.

गुणवत्ता मानकों में ढील

सरकार ने प्रतिकूल मौसम को देखते हुए चमक विहीन गेहूं की सीमा को 50 प्रतिशत तक मान्य किया है. साथ ही, सूकड़े दानों की सीमा 6 से बढ़ाकर 10 प्रतिशत और क्षतिग्रस्त दानों की सीमा बढ़ाकर 6 प्रतिशत कर दी गई है.

बुनियादी सुविधाएं

उपार्जन केंद्रों पर किसानों के बैठने, छाया और पानी की व्यवस्था के साथ-साथ उपज की सफाई के लिए पंखा, छन्ना, बारदाने और सिलाई मशीनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है. किसान अब अपने जिले के किसी भी उपार्जन केंद्र पर जाकर अपनी उपज बेच सकते हैं.

अब तक की खरीदी के आंकड़े

मध्यप्रदेश में इस वर्ष 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है. अब तक के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में 5 लाख 8 हजार से अधिक किसानों से लगभग 22.70 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है. कुल 9.83 लाख किसानों ने 60.84 लाख मीट्रिक टन गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुक किए हैं. पिछले वर्ष राज्य में कुल 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था.