दमोह: कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ NEET री-एग्जाम, फिजिक्स के सवालों ने उलझाया, छात्रों की मांग- 'अब न हो पेपर लीक'
दमोह, ब्यूरो रिपोर्ट: मेडिकल प्रवेश परीक्षा को लेकर चल रहे देशव्यापी विवादों के बीच रविवार को दमोह जिले में नीट यूजी (NEET-UG) की पुनर्परीक्षा (री-एग्जाम) शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई। शहर के तीन प्रमुख केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में कुल 1147 छात्र-छात्राओं को शामिल होना था, जिनमें से 1038 परीक्षार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
पिछली बार हुए विवादों से सबक लेते हुए इस बार प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों पर त्रि-स्तरीय (Three-Layer) सुरक्षा व्यवस्था लागू की थी। परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों के चेहरों पर जहां राहत थी, वहीं उनके मन में एक ही डर सता रहा था कि उनकी महीनों की कड़ी मेहनत पर फिर से किसी पेपर लीक का ग्रहण न लग जाए।
त्रि-स्तरीय सुरक्षा जांच: कलावा और हेयर बैंड भी उतरवाए
परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए रविवार सुबह 11:30 बजे से ही केंद्रों पर परीक्षार्थियों की सघन जांच शुरू कर दी गई थी। दमोह के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय (Excellence School), पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस (PG College) और पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में सीसीटीवी कैमरों की मदद से लगातार निगरानी की जा रही थी।
- प्रवेश द्वार पर तैनात पुलिसकर्मियों ने हर छात्र की बारीकी से जांच की।
- नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए छात्रों के हाथों से कलावा और छात्राओं के बालों से हेयर बैंड तक निकलवा दिए गए। चश्मा पहनने वाले परीक्षार्थियों की भी विशेष चेकिंग की गई।
- जिले के आंकड़ों के अनुसार शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में 480 में से 438, केंद्रीय विद्यालय में 475 में से 428 और पीजी कॉलेज केंद्र पर 192 में से 172 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। कुल 109 छात्र परीक्षा देने नहीं पहुंचे।
फिजिक्स का पेपर रहा कठिन, समय प्रबंधन में हुई दिक्कत
परीक्षा दोपहर 1:30 बजे शुरू होकर शाम 5:15 बजे समाप्त हुई। लगभग 5:30 बजे जब परीक्षार्थी केंद्रों से बाहर आए, तो उन्होंने प्रश्नपत्र का विश्लेषण साझा किया। अधिकांश छात्रों का कहना था कि बायोलॉजी और केमिस्ट्री का हिस्सा मध्यम (Moderate) स्तर का था, लेकिन फिजिक्स के सवालों ने उन्हें काफी उलझाया। फिजिक्स के सवाल अधिक समय लेने वाले (Time-consuming) थे, जिसके कारण समय प्रबंधन प्रभावित हुआ। छात्रों का अनुमान है कि फिजिक्स के कठिन स्तर के कारण इस बार कटऑफ कम रहने की संभावना है।
'8 घंटे पढ़ाई की है, बस मेहनत बेकार न जाए'
परीक्षा केंद्रों के बाहर छात्रों और अभिभावकों के मन में पिछली घटनाओं का खौफ साफ नजर आया। हटा से अपनी बेटी को परीक्षा दिलाने लाईं ज्योति तंतुवाय ने बताया कि उनकी बेटी ने दिन-रात 8 घंटे पढ़ाई की है। पिछली बार पेपर लीक की खबर से वह बहुत नर्वस हो गई थी, लेकिन आज फिर पूरे उत्साह से परीक्षा देने आई है।
दूसरी बार तैयारी करके परीक्षा देने पहुंची छात्रा प्रियांशी श्रीवास्तव ने कहा कि उसे इस बार शासकीय मेडिकल कॉलेज में दाखिले की पूरी उम्मीद है, बस शर्त यह है कि सरकार इस बार पेपर लीक न होने दे।
संपूर्ण परीक्षा के दौरान दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि व्यवस्थाओं पर कड़ी नजर बनाए रहे। हालांकि, केंद्रों के बाहर अभिभावकों के लिए प्रशासन द्वारा टेंट और पेयजल की व्यवस्था की गई थी, लेकिन भीषण गर्मी और बारिश के बीच कुछ जगहों पर ये सुविधाएं सीमित नजर आईं, जिससे अभिभावकों को लंबा इंतजार करने में परेशानी का सामना करना पड़ा।


