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दमोह: खेजरा मंदिर के पुजारी की 27 वर्षीय बेटी ने लगाई फांसी, घर में फंदे से लटकता मिला शव, मोबाइल खोलेगा मौत के राज

Police investigating the mysterious suicide case of a priest's daughter at Khejra temple in damoh today

दमोह, ब्यूरो रिपोर्ट। शहर के सागर नाका इलाके में शनिवार की सुबह एक बेहद दुखद और हैरान कर देने वाली घटना लेकर आई। यहां के प्रसिद्ध खेजरा मंदिर के पुजारी की 27 वर्षीय बेटी ने संदिग्ध परिस्थितियों में अपने ही बेडरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय घर में सब कुछ सामान्य था, ऐसे में अचानक उठाए गए इस कदम से परिवार और स्थानीय लोग गहरे सदमे में हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और मौत के असली कारणों का पता लगाने के लिए अब डिजिटल सबूतों का सहारा लिया जा रहा है।

एमएससी की छात्रा थी मृतका, चल रही थी शादी की बात

सागर नाका चौकी प्रभारी विक्रम दांगी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान प्रमिला दुबे (27) के रूप में हुई है। वह खेजरा मंदिर के महंत प्रहलाद दास दुबे की बेटी थी और उनका पूरा परिवार मंदिर परिसर में ही निवास करता है। शनिवार सुबह जब परिजनों ने प्रमिला का शव फंदे से लटकता देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

पुलिस की पूछताछ में मृतका के भाई प्रबल दुबे ने बताया कि प्रमिला पढ़ाई में बहुत होनहार थी और वह एमएससी (MSc) कर रही थी। परिवार में किसी भी प्रकार के तनाव या विवाद की कोई स्थिति नहीं थी। इतना ही नहीं, घर में प्रमिला की शादी को लेकर भी सकारात्मक बातचीत चल रही थी। एक होनहार छात्रा, जिसके हाथ पीले होने वाले थे, उसने अचानक मौत को गले क्यों लगा लिया, यह सवाल हर किसी को परेशान कर रहा है।

मोबाइल फोन और साइबर जांच पर टिकी पुलिस की उम्मीदें

घटनास्थल से पुलिस को कोई भी सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे मामला और भी उलझ गया है। शव को फंदे से उतारकर और पंचनामा की कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

Priest Daughter Suicide Case Investigation damoh today

इस अंधे मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने अब तकनीक का रुख किया है। जांच टीम ने मृतका के बेडरूम से उसका मोबाइल फोन विधिवत जब्त कर लिया है। अधिकारियों का मानना है कि प्रमिला के फोन की कॉल डिटेल्स, व्हाट्सएप चैट्स और सोशल मीडिया एक्टिविटी से यह स्पष्ट हो सकेगा कि वह आखिरी वक्त में किन लोगों के संपर्क में थी। क्या वह किसी बाहरी दबाव, ब्लैकमेलिंग या छिपे हुए तनाव का शिकार थी? इन सभी सवालों के जवाब अब मोबाइल फोन के डेटा से ही सामने आने की उम्मीद है।