दमोह: अवैध शराब के खिलाफ सड़क पर उतरे बढ़ापुरा वार्ड के लोग, 1 साल में 3 हत्याओं से दहशत; SP को सौंपा ज्ञापन
दमोह। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बढ़ापुरा वार्ड में अवैध शराब की बिक्री और उससे पनपते अपराधों ने स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। क्षेत्र में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं से आक्रोशित होकर सोमवार को वार्ड के सैकड़ों पुरुषों और महिलाओं ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से क्षेत्र में पूर्णतः शराबबंदी लागू करने और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की पुरजोर मांग की है। निवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
अवैध शराब बनी अपराधों की जड़: 1 साल में 3 हत्याएं
ज्ञापन के माध्यम से वार्ड के लोगों ने प्रशासन को क्षेत्र की गंभीर स्थिति से अवगत कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि उनके इलाके में खुलेआम अवैध शराब बेची जा रही है, जिसके कारण आए दिन असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है और झगड़े-विवाद आम बात हो गए हैं।
स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि इस अवैध शराब के कारण पिछले एक वर्ष के भीतर ही क्षेत्र में चाकूबाजी की कई वारदातें, कई जानलेवा हमले और तीन निर्मम हत्याएं हो चुकी हैं। इन घटनाओं के कारण पूरे बढ़ापुरा वार्ड और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल निर्मित हो गया है, जिससे महिलाओं और बच्चों का घर से निकलना भी असुरक्षित हो गया है।
प्रमुख मांगें: मुआवजा और CCTV कैमरे
ज्ञापन सौंपने पहुंचे निवासियों ने प्रशासन के समक्ष कुछ प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें शामिल हैं:
- आर्थिक सहायता: हाल ही में इलाके में पत्थर से कुचलकर मौत के घाट उतारे गए कमलेश अहिरवार के पीड़ित परिवार को प्रशासन की ओर से उचित आर्थिक मदद प्रदान की जाए।
- CCTV कैमरों की स्थापना: सुरक्षा के दृष्टिकोण से बढ़ापुरा से धरमपुरा, सीताबावली, आशाराम चौक और बिलवारी मोहल्ला जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर तत्काल प्रभाव से सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए जाएं, ताकि अपराधियों पर नजर रखी जा सके।
15 दिन का अल्टीमेटम, SP ने दिया कार्रवाई का भरोसा
स्थानीय निवासी धर्मेंद्र रोहित ने क्षेत्र की महिलाओं की पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि अवैध शराब की वजह से घरों का माहौल पूरी तरह खराब हो रहा है। पुरुष शराब के नशे में धुत होकर आते हैं और महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा व मारपीट करते हैं।
वार्ड के निवासियों ने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 15 दिनों के अंदर इस अवैध शराब के धंधे पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे चक्काजाम और शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
धर्मेंद्र रोहित ने जानकारी दी कि पुलिस अधीक्षक (SP) ने उनकी शिकायतों को अत्यंत गंभीरता से सुना है। एसपी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि आगामी तीन दिनों के भीतर ही इलाके में बिकने वाली अवैध शराब और असामाजिक तत्वों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान मोहनीश राव, नवीन बौद्ध, जुगेंद्र बौद्ध, बिंदु पटोटया, बिजेंद्र अहिरवार, महेंद्र अहिरवार सहित बड़ी संख्या में वार्ड के निवासी उपस्थित रहे।
