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एमपी में शिक्षिका की पिटाई के बाद छात्र की मौत: दो माह तक चले इलाज के बाद भी नहीं बच पाई जान; शव लेकर एसपी ऑफिस पहुंचे परिजन

angry family members with the body of student kavya namdeo outside damoh sp office demanding justice against teacher devindi thakur.

तेंदूखेड़ा। मध्य प्रदेश के दमोह जिले से शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाली एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ एक निजी स्कूल की शिक्षिका की बेरहमी से की गई पिटाई के कारण कक्षा तीसरी के एक मासूम छात्र की इलाज के दौरान मौत हो गई। करीब दो महीने तक जिंदगी और मौत के बीच चले संघर्ष के बाद आखिरकार मासूम ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से पूरे जिले में आक्रोश और सनसनी का माहौल है।

फरवरी महीने में शिक्षिका ने की थी बेरहमी से पिटाई

घटना दमोह जिले के तेंदूखेड़ा इलाके में स्थित निजी विद्यालय आईईएस (IES) पब्लिक स्कूल की है। जानकारी के अनुसार, फरवरी माह में स्कूल में पढ़ने वाले कक्षा तीसरी के 9 वर्षीय छात्र काव्य नामदेव की वहीं की शिक्षिका देविंदी ठाकुर ने किसी बात पर जमकर पिटाई कर दी थी।

शिक्षिका की इस क्रूरता के कारण मासूम काव्य के सिर में गंभीर अंदरूनी चोटें (Internal Head Injuries) आई थीं। स्कूल से घर लौटने के बाद बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती चली गई, जिसके बाद डरे हुए परिजनों ने उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया।

जबलपुर से भोपाल तक चला दो महीने इलाज, नहीं बच सकी जान

मासूम काव्य की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर किया था। परिजनों ने बच्चे की जान बचाने के लिए जबलपुर और भोपाल के बड़े अस्पतालों में महीनों तक वेंटिलेटर और आईसीयू में रखकर उसका इलाज कराया। सिर की अंदरूनी चोटों का गहरा संक्रमण फैलने के कारण आखिरकार शुक्रवार रात को इलाज के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया। मृतक बच्चे के पिता स्वयं एक शासकीय शिक्षक हैं, जो इस व्यवस्था के आगे असहाय नजर आए।

शव लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे आक्रोशित परिजन, डॉक्टरों के पैनल से पीएम

मासूम की मौत से गुस्साए और दुखी परिजन शनिवार को न्याय की मांग को लेकर सीधे दमोह पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचे। शव के साथ कलेक्ट्रेट और एसपी ऑफिस पहुंचे परिजनों ने दोषी शिक्षिका के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई और हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर मृतक छात्र के शव का पोस्टमार्टम साधारण तरीके से न कराकर डॉक्टरों के एक विशेष पैनल (Medical Board) से कराया जा रहा है, ताकि मृत्यु के वास्तविक और सटीक वैज्ञानिक कारणों का पता चल सके।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूर्व में दर्ज मामले में अब बच्चे की मौत के बाद नई धाराएं जोड़ी जाएंगी। पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद आरोपी शिक्षिका देविंदी ठाकुर और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नए सिरे से जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।