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जेल की ड्यूटी करते-करते कैदी से हुआ महिला अफसर को इश्क: 14 साल की सजा के बाद हिंदू रीति-रिवाज से रचाई शादी

Satna Assistant Jail Superintendent Firoza Khatun marrying former prisoner Dharmendra Singh

सतना। मध्य प्रदेश के सतना केंद्रीय जेल से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने समाज और सिस्टम दोनों के बीच चर्चा छेड़ दी है। यह कहानी कानून की रक्षक और कानून की सजा काट चुके एक व्यक्ति के मिलन की है। सतना केंद्रीय जेल में तैनात सहायक जेल अधीक्षक फिरोजा खातून को हत्या की सजा काट रहे कैदी धर्मेंद्र सिंह से प्यार हो गया और अब यह जोड़ा विवाह के बंधन में बंध चुका है।

जेल की सलाखों के पीछे परवान चढ़ा प्यार

इस प्रेम कहानी की नींव वर्ष 2007 में पड़ी थी। छतरपुर जिले के चंदला में तत्कालीन नगर परिषद उपाध्यक्ष कृष्ण दत्त दीक्षित की हत्या के मामले में धर्मेंद्र सिंह को सजा सुनाई गई थी। उस वक्त धर्मेंद्र की उम्र महज 20 वर्ष थी। सजा काटने के लिए उन्हें सतना केंद्रीय जेल भेजा गया, जहाँ सहायक जेल अधीक्षक के रूप में फिरोजा खातून की तैनाती थी।

जेल में रहने के दौरान धर्मेंद्र का आचरण बहुत अच्छा था और वह जेल के प्रशासनिक कार्यों में फिरोजा का हाथ बंटाता था। इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो पहले दोस्ती और फिर गहरे प्यार में बदल गई।

रिहाई के बाद भी नहीं बदला फैसला

धर्मेंद्र ने अपने जीवन के 14 साल जेल की चारदीवारी में बिताए। उनके अच्छे आचरण को देखते हुए शासन ने चार वर्ष पहले उनकी समय पूर्व रिहाई कर दी। आमतौर पर जेल से छूटने के बाद कैदी और अधिकारियों का रिश्ता खत्म हो जाता है, लेकिन यहाँ मामला अलग था। रिहाई के बाद भी धर्मेंद्र और फिरोजा की मुलाकातें जारी रहीं। दोनों ने तय किया कि वे समाज की परवाह किए बिना साथ जीवन बिताएंगे।

जब परिवार पीछे हटा, तो विहिप ने निभाया साथ

शादी का फैसला फिरोजा के लिए आसान नहीं था। उनके परिवार ने इस रिश्ते को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया और शादी से दूरी बना ली। ऐसे समय में सांप्रदायिक सौहार्द और मानवीय संवेदनाओं की एक नई मिसाल देखने को मिली। सतना में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के जिला उपाध्यक्ष राजबहादुर मिश्रा ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर माता-पिता के रूप में फिरोजा का कन्यादान किया। 5 मई को छतरपुर में पूरे हिंदू रीति-रिवाज और मंत्रोच्चार के साथ यह विवाह संपन्न हुआ।

जेल महकमे में खुशी की लहर

फिरोजा और धर्मेंद्र की इस साहसी शादी की खबर जैसे ही सतना जेल पहुँची, वहाँ का माहौल खुशनुमा हो गया। जेल के अधिकारियों, कर्मचारियों और यहाँ तक कि कैदियों ने भी इस जोड़े को अपनी शुभकामनाएं भेजी हैं। लोग फिरोजा के इस कदम की सराहना कर रहे हैं, जिन्होंने एक अपराधी के हृदय परिवर्तन पर विश्वास किया और उसे समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए अपना जीवनसाथी चुना।

यह अनोखी लव स्टोरी अब पूरे मध्य प्रदेश में सुर्खियां बटोर रही है, जो धर्म और सामाजिक बंधनों से परे 'सच्ची मोहब्बत' की गवाही दे रही है।