दमोह के बटियागढ़ में ₹128 करोड़ की सिंचाई परियोजना का भूमिपूजन, बिना बिजली-मोटर खेतों में पहुंचेगा पानी
दमोह। बुंदेलखंड के किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने और कृषि रकबे को बढ़ाने की दिशा में दमोह जिले के बटियागढ़ में एक ऐतिहासिक शुरुआत हुई है। शुक्रवार, 22 मई 2026 को जूड़ी मध्यम सिंचाई परियोजना के अंतर्गत 128.16 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पाइप नेटवर्क और पिकअप बियर निर्माण कार्य का भूमिपूजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस बेहद महत्वाकांक्षी परियोजना को मात्र 10 महीने की कड़े समय-सीमा (Deadline) में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे क्षेत्र की कृषि व्यवस्था की तस्वीर और तकदीर पूरी तरह बदल जाएगी।
बिना बिजली और मोटर के खेतों तक पहुंचेगा पानी: राज्यमंत्री लखन पटेल
भूमिपूजन समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री लखन पटेल ने किसानों को संबोधित करते हुए इस नई तकनीक की सबसे बड़ी खूबी बताई। उन्होंने कहा, "इस आधुनिक पाइपलाइन आधारित सिंचाई प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें किसानों को पानी खींचने के लिए किसी भी प्रकार की बिजली या मोटर की आवश्यकता नहीं होगी। पानी सीधे 'प्रेशराइज्ड पाइपलाइन' (Pressurized Pipeline) के प्राकृतिक दबाव के माध्यम से सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचेगा।"
राज्यमंत्री लखन पटेल ने क्षेत्र के किसानों से जल का सदुपयोग करने की अपील की और कहा कि स्प्रिंकलर (ड्रिप/टपक सिंचाई) जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाकर पानी की हर बूंद का सही इस्तेमाल करें ताकि और अधिक क्षेत्र को सिंचित किया जा सके।
34 गांवों की 11,000 हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित, 'दुनय धाम' का DPR तैयार
समारोह में जानकारी दी गई कि इस जूड़ी परियोजना के माध्यम से बटियागढ़ विकासखंड के करीब 34 गांवों की 11,000 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को सीधा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही राज्यमंत्री लखन पटेल ने एक और बड़ी खुशखबरी साझा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा क्षेत्र के लिए 'दुनय धाम सिंचाई परियोजना' को भी हरी झंडी दे दी गई है। इसका डीपीआर (Detailed Project Report) पूरी तरह तैयार हो चुका है, जिससे आने वाले समय में करीब 22,000 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होने की प्रबल संभावना है।
पथरिया बनेगा सबसे ज्यादा सिंचाई वाला क्षेत्र; पिकनिक स्पॉट के रूप में होगा विकसित
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ समाजसेवी पंडित नरेंद्र व्यास ने कहा कि यह परियोजना बटियागढ़ और संपूर्ण पथरिया विधानसभा क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगी। आने वाले दिनों में पथरिया जिला ही नहीं बल्कि संभाग में सबसे अधिक सिंचाई सुविधाओं वाला विधानसभा क्षेत्र बनकर उभरेगा। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि गौरव पटेल ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना पूरी होने के बाद यह जलाशय क्षेत्र एक सुंदर पिकनिक स्पॉट (Picnic Spot) के रूप में भी विकसित होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष मंगल कुशवाह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि पंडित नरेंद्र कटारे सहित बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और अंचल के सैकड़ों किसान भाई उपस्थित रहे।
इन 34 गांवों के किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
परियोजना के तहत जिन 34 गांवों की प्यासी धरती को नया जीवन मिलेगा, उनके नाम राज्यमंत्री लखन पटेल ने सार्वजनिक मंच से साझा किए:
अगारा, अंजनी, बरोदा कलां, वेली, बेलखेड़ी, बिजौरी नवलशाह, घूघस, इटवा मंगोला, झागरी कबीरपुर, कबीरपुर, कनौरा रामनगर, करिया पीपर, खेजरा कबीरपुर, मगरोन, महुवट, मंगोला, निबोरा रामनगर, परसवारा, पुरवा, रूसंदो, सगरौन, सेमरा रामनगर, सुनवाहा, शहजाद पुरा, बांधा, गंज बरखेड़ा, बेला पुरवा, भरोटा, हिनौती उद्देशा, बड़ागांव, तलगांव, हरदुआ जामशा, हारट और घनश्यामपुरा।
