दमोह में इंसानियत शर्मसार या खूनी साजिश? हटा में कोर्ट की पेशी से लौट रहे दंपती की सड़क हादसे में मौत; बेटे ने चाचा पर लगाया एक्सीडेंट करवाकर हत्या का आरोप
हटा न्यूज़। जिले के हटा थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ सोमवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार पति-पत्नी की मौत हो गई। दंपती हटा न्यायालय (Hatta Court) में चल रहे एक जमीन विवाद की पेशी में शामिल होने के बाद अपने गांव लौट रहे थे, तभी कुआखेड़ा-मझगुआ मार्ग पर किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
इस घटना में जहां पूरा परिवार बिखर गया है, वहीं मृतक के बड़े बेटे ने एक बड़ा और सनसनीखेज खुलासा करते हुए इस हादसे को सामान्य दुर्घटना मानने से इनकार कर दिया है। बेटे का आरोप है कि यह एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई हत्या है, जिसमें उसके सगे चाचा का हाथ है।
कुआखेड़ा-मझगुआ मार्ग पर अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पटेरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम हलपारपुरा निवासी हेमराज अहिरवार (45 वर्ष) अपनी पत्नी खिलौना अहिरवार (40 वर्ष) के साथ सोमवार को हटा न्यायालय आए थे। कोर्ट की कार्यवाही और पेशी निपटने के बाद दोनों पति-पत्नी अपनी बाइक से वापस अपने गांव हलपारपुरा लौट रहे थे।
इसी दौरान हटा थाना क्षेत्र के अंतर्गत कुआखेड़ा-मझगुआ मार्ग पर एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को सामने से या पीछे से जोरदार टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों सड़क पर दूर जा गिरे और लहूलुहान हो गए। वहां से गुजर रहे राहगीरों की सूचना पर तत्काल आपातकालीन सेवा डायल-112 मौके पर पहुंची और दोनों को बेहद गंभीर हालत में सिविल अस्पताल हटा ले जाया गया। अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर प्रशांत ने बारीकी से परीक्षण करने के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
ढाई एकड़ जमीन का विवाद: बेटे ने चाचा तुलसीराम पर लगाए गंभीर आरोप
हादसे की हृदयविदारक खबर मिलते ही मृतक दंपती का बड़ा बेटा राकेश रोता-बिलखता हुआ हटा सिविल अस्पताल पहुंचा। उसने अस्पताल परिसर में मौजूद अधिकारियों और पुलिस के सामने अपनी मां और पिता की मौत को एक सोची-समझी खूनी साजिश करार दिया।
राकेश ने सीधे तौर पर अपने चाचा पर आरोप लगाते हुए कहा, "यह कोई सामान्य एक्सीडेंट नहीं है, बल्कि मेरे माता-पिता की सोची-समझी हत्या है। मेरे पिता हेमराज का उनके सगे चाचा तुलसीराम अहिरवार से करीब ढाई एकड़ पुश्तैनी जमीन को लेकर लंबे समय से गंभीर विवाद चल रहा था। यह मामला हटा कोर्ट में विचाराधीन है और इसी सिलसिले में मेरे माता-पिता सोमवार को पेशी पर आए थे।"
बेटे ने आगे बताया कि जमीन विवाद के कारण उसका चाचा पहले भी कई बार उसके पिता हेमराज के साथ जानलेवा मारपीट कर चुका था, जिसकी शिकायतें स्थानीय पुलिस थाने में भी दर्ज कराई गई थीं, लेकिन पुलिस द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब अचानक कोर्ट की पेशी के दिन ही अज्ञात वाहन द्वारा टक्कर मारे जाने से परिवार को पूरा अंदेशा है कि चाचा ने ही सुपारी देकर या साजिश रचकर यह एक्सीडेंट करवाया है।
मर्ग कायम, दुर्घटना और हत्या के दोनों एंगल पर जांच कर रही पुलिस
हटा थाना पुलिस ने अस्पताल प्रशासन से मिली तहरीर के आधार पर शवों का पंचनामा बनाकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कायम कर लिया है। अस्पताल और क्षेत्र में फैले भारी तनाव को देखते हुए पुलिस बेहद फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।
हटा पुलिस (Hatta Police) अधिकारियों का कहना है कि यह मामला अब बेहद संवेदनशील हो चुका है। पुलिस की एक टीम जहां घटना स्थल के आसपास के रूट और टोल नाकों पर लगे सीसीटीवी कैमरों (CCTV) के फुटेज खंगालकर टक्कर मारने वाले अज्ञात वाहन और उसके ड्राइवर की तलाश में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ परिजनों द्वारा लगाए गए हत्या की साजिश के आरोपों को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
