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दमोह में 45-46°C की भीषण तपन: 24 घंटे चलेगी कोपरा-सीतानगर वाटर वर्क्स की मोटरें, बिजली कंपनी मुस्तैद

दमोह। दमोह जिले में वर्तमान में सूरज की तपिश अपने चरम पर है और समूचे क्षेत्र में अधिकतम तापमान 45.46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। इस भीषण गर्मी के दौर में नागरिकों को पेयजल संकट से बचाने के लिए मध्य प्रदेश शासन की मंशानुसार बिजली कंपनी ने पूरी तरह कमर कस ली है। अधीक्षण अभियंता अमित चौहान के कड़े रुख के बाद शहर को जल आपूर्ति करने वाले प्रमुख प्लांटों की विद्युत लाइनों का मेंटेनेंस कार्य पूरा कर लिया गया है, ताकि 24 घंटे निर्बाध बिजली सप्लाई सुनिश्चित की जा सके।

वाटर वर्क्स प्लांटों की 24×7 होगी निगरानी, तैनात रहेगा टेक्निकल स्टाफ

अधीक्षण अभियंता अमित चौहान ने पेयजल आपूर्ति की समीक्षा करते हुए संबंधित क्षेत्र के सहायक अभियंता संदीप पटेल, सहायक अभियंता बटियागढ़ और उनकी टीम को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस भीषण तपन में जल आपूर्ति करने वाले प्लांटों को 24×7 (24 घंटे) बिना किसी रुकावट के बिजली मिलनी चाहिए।

अधिकारियों की समीक्षा के बाद सहायक अभियंता संदीप पटेल ने अवगत कराया कि सीतानगर एवं कोपरा वाटर वर्क्स की विद्युत लाइनों का आवश्यक रखरखाव व मेंटेनेंस कार्य पूर्ण कर लिया गया है। किसी भी तकनीकी खराबी से तुरंत निपटने के लिए अधीक्षण अभियंता ने दोनों वाटर वर्क्स कनेक्शनों पर एक-एक टेक्निकल स्टाफ को 24 घंटे विशेष निगरानी के लिए तैनात करने के आदेश भी जारी कर दिए हैं।

आंधी-तूफान की तबाही के बाद खड़े किए गए 92 पोल, बहाल हुई ग्रामीण सप्लाई

विगत सप्ताह जिले के विभिन्न अंचलों में आए तेज आंधी, तूफान और बारिश के कारण विद्युत अधोसंरचना को भारी नुकसान पहुंचा था। जिले के चार प्रमुख वितरण केंद्रों के अंतर्गत कुल 92 बिजली के पोल जमीन पर आ गिरे थे, जिससे दर्जनों गांवों की बत्ती गुल हो गई थी। विभागीय आंकड़ों के अनुसार टूटे पोलों की स्थिति इस प्रकार थी:

वितरण केंद्र का नाम क्षतिग्रस्त हुए पोलों की संख्या
जबेरा वितरण केंद्र 32 पोल (सर्वाधिक प्रभावित)
बटियागढ़ वितरण केंद्र 28 पोल
नरसिंहगढ़ वितरण केंद्र 18 पोल
तेंदूखेड़ा वितरण केंद्र 14 पोल
कुल योग 92 पोल

कई स्थानों पर विशाल पेड़ गिरने से मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गए थे, जिसके कारण रिपेयरिंग team को मौके पर पहुंचने और भारी पोलों को दोबारा स्थापित करने में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद लाइन स्टाफ ने दिन-रात एक करते हुए, विपरीत परिस्थितियों में भी तकनीकी दक्षता के साथ सभी 92 पोलों को दोबारा खड़ा किया और ट्रांसफार्मर (डीपी) का सुधार कार्य युद्ध स्तर पर पूर्ण कर ग्रामीण क्षेत्रों की सप्लाई चालू की।

उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील

प्राकृतिक आपदा से चरमराई व्यवस्था को कम से कम समय में दुरुस्त करने पर क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं ने बड़ी राहत महसूस की है और विभागीय तत्परता की सराहना की है। अधीक्षण अभियंता अमित चौहान ने संकट की इस घड़ी में धैर्य रखने के लिए सभी उपभोक्ताओं का आभार जताया है और भविष्य में भी इसी तरह के सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की है। उन्होंने दोहराया कि विभाग जिले के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।