उपज का एक-एक दाना कीमती, भुगतान में देरी बर्दाश्त नहीं: मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव
क्या है पूरा मामला?
कृषि उपज मंडी चौरई में पंजीकृत फर्म ज्ञाताश्री ट्रेडर्स ने किसानों से फसल तो खरीदी, लेकिन उसका भुगतान नहीं किया। किसानों के हितों की रक्षा के लिए मंडी समिति ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तहसीलदार न्यायालय के माध्यम से फर्म के खिलाफ आर.आर.सी. (RRC) जारी करवाई और राशि वसूल कर मंडी समिति के खाते में जमा कराई।
जब सिविल और जिला कोर्ट से भुगतान की अनुमति में तकनीकी अड़चनें आईं, तो मुख्यमंत्री के निर्देश पर मंडी बोर्ड ने उच्च न्यायालय जबलपुर में याचिका दायर की। 30 अप्रैल 2026 को माननीय उच्च न्यायालय ने किसानों के पक्ष में ऐतिहासिक निर्णय सुनाते हुए भुगतान की स्वीकृति प्रदान की।
मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश: लापरवाही पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में किसानों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मंडी बोर्ड के अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:
- समय-सीमा में भुगतान: मंडियों में खरीदी गई उपज का भुगतान तय समय के भीतर सुनिश्चित किया जाए।
- पारदर्शिता: मंडी व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता बरती जाए ताकि किसानों को भटकना न पड़े।
- सख्त कार्रवाई: भुगतान में लापरवाही बरतने वाले व्यापारियों और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंडी बोर्ड की सक्रियता
म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री कुमार पुरुषोत्तम ने बताया कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता किसान हित है। इसी कड़ी में सभी मंडी सचिवों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं कि वे व्यापारियों के भुगतान रिकॉर्ड पर नजर रखें। चौरई मंडी के प्रभावित किसानों को अब बहुत जल्द उनके बैंक खातों में राशि प्राप्त हो जाएगी।
एक नजर में मुख्य जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| लाभान्वित किसान | 64 कृषक |
| कुल भुगतान राशि | ₹96,51,500 |
| संबंधित मंडी | कृषि उपज मंडी समिति, चौरई |
| दोषी फर्म | ज्ञाताश्री ट्रेडर्स, चौरई |
| उच्च न्यायालय का फैसला | 30 अप्रैल 2026 |
मुख्यमंत्री की इस पहल से प्रदेश के किसानों में विश्वास जगा है कि उनकी मेहनत की कमाई का एक-एक पैसा सुरक्षित है और सरकार उनके हितों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।