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विधानसभा चुनाव 2026 परिणाम: बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक बढ़त, तमिलनाडु में थलापति विजय का 'शतक' और केरल में कांग्रेस की वापसी

Election result celebration and counting center updates for West Bengal, Tamil Nadu, and Assam 2026

विधानसभा चुनाव 2026 परिणाम। पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों के लिए आज, 4 मई 2026 को मतगणना जारी है. सुबह आठ बजे से शुरू हुई वोटों की गिनती के रुझानों ने अब हार-जीत की तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है. बंगाल और असम में जहां भाजपा का दबदबा दिख रहा है, वहीं तमिलनाडु और केरल में बड़े उलटफेर के संकेत मिल रहे हैं.

पश्चिम बंगाल: भाजपा का 'प्रचंड' आगाज पश्चिम बंगाल में भाजपा ने ममता बनर्जी की टीएमसी को बड़ा झटका दिया है. शुरुआती रुझानों में भाजपा 180 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जिससे राज्य में पहली बार भाजपा की सरकार बनने का सपना साकार होता दिख रहा है. गौरतलब है कि दक्षिण 24 परगना की फाल्टा सीट पर गड़बड़ी के कारण चुनाव रद्द कर दिया गया है, जिसका परिणाम अब 24 मई को आएगा. इस बार बंगाल में रिकॉर्ड 92.47 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है.

तमिलनाडु: थलापति विजय की TVK का बड़ा धमाका तमिलनाडु के चुनावी नतीजों ने सभी को चौंका दिया है. अभिनेता विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) ने अपने पहले ही बड़े चुनाव में शतक पूरा कर लिया है. टीवीके ने राज्य के स्थापित दलों डीएमके (DMK) और एआईडीएमके (AIADMK) को कड़ी टक्कर देते हुए बढ़त हासिल की है.

असम, केरल और पुडुचेरी की स्थिति

  • असम: रुझानों के अनुसार, असम में एक बार फिर भाजपा का भगवा झंडा लहराता दिख रहा है और पार्टी स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ रही है.
  • केरल: पिछले दस साल से काबिज एलडीएफ (LDF) को इस बार बड़ा नुकसान होता दिख रहा है. कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ (UDF) रुझानों में एलडीएफ से काफी आगे निकल गया है.
  • पुडुचेरी: यहां भी भाजपा गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलता दिखाई दे रहा है.

सीटों का गणित और चुनावी भविष्य इन पांच राज्यों में कुल सीटों का विवरण इस प्रकार है:

  • पश्चिम बंगाल: 293 सीटें (कुल 294, एक रद्द)
  • तमिलनाडु: 234 सीटें
  • असम: 126 सीटें
  • केरल: 140 सीटें
  • पुडुचेरी: 30 सीटें

फिलहाल मतगणना जारी है और अंतिम परिणाम शाम तक स्पष्ट होने की उम्मीद है. ममता बनर्जी, हिमंत बिस्वा सरमा, एमके स्टालिन और पिनराई विजयन जैसे दिग्गजों का सियासी भविष्य फिलहाल दांव पर लगा हुआ है.