हटा सिविल अस्पताल में हंगामा: डॉक्टर और मरीज के परिजनों के बीच मारपीट, पुलिस ने दो युवकों को लिया हिरासत में
दमोह जिले के हटा सिविल अस्पताल में शुक्रवार शाम को डॉक्टर और मरीज के परिजनों के बीच भारी विवाद हो गया. यह विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट और तोड़फोड़ तक की नौबत आ गई, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा.
परिजनों का आरोप: वीडियो बनाने पर की गई मारपीट
मरीज के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं:
- अतिरिक्त पैसे की मांग: प्रेमपुरा निवासी भानु ठाकुर ने बताया कि वे अपने भाई अजय को उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर अस्पताल लाए थे, जहाँ ओपीडी पर्ची के लिए 20 रुपये की जगह 50 रुपये मांगे गए.
- डॉक्टर की अनुपस्थिति: परिजनों का आरोप है कि उस समय ड्यूटी पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था.
- कमरे में बंद कर मारपीट: भानु और बिट्टू ठाकुर का कहना है कि जब उन्होंने घटना का वीडियो बनाना शुरू किया, तो कर्मचारियों ने उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया और उनके साथ मारपीट की.
डॉक्टरों का पक्ष: शराब के नशे में की अभद्रता
अस्पताल के डॉक्टर चैतन्य साहू ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा है:
- शराब के नशे में थे युवक: डॉक्टर के अनुसार, मरीज के साथ आए दोनों युवक अत्यधिक शराब के नशे में थे और कर्मचारियों से अभद्रता कर रहे थे.
- गाली-गलौज और धक्का-मुक्की: डॉक्टर ने बताया कि वह कुछ ही समय के लिए अपनी सीट से हटे थे, लेकिन युवकों ने इंतजार करने के बजाय कर्मचारियों और डॉक्टर के साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की शुरू कर दी.
- उपचार जारी: डॉक्टरों का कहना है कि विवाद के बावजूद उन्होंने मरीज को अस्पताल में भर्ती कर लिया है और उसका इलाज किया जा रहा है.
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और दोनों युवक, बिट्टू ठाकुर और भानु ठाकुर को हिरासत में लेकर थाने ले गई. विवाद के दौरान अस्पताल में एक कुर्सी भी टूट गई है. पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए हैं और मामले की विस्तृत जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.