बंगाल और असम में भाजपा की आंधी: पीएम मोदी ने बताया 'भरोसे और सुशासन' की जीत, कार्यकर्ताओं का जताया आभार
विधानसभा चुनाव 2026 परिणाम: पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने देश के राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया है। भाजपा ने जहां पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के 15 साल पुराने अभेद्य किले को ढहाते हुए पहली बार सत्ता हासिल की है, वहीं असम में लगातार तीसरी बार सरकार बनाकर इतिहास रच दिया है। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए इसे 'भरोसे और सुशासन की राजनीति' की जीत करार दिया।
पश्चिम बंगाल: 'सोनार बांग्ला' की ओर नया कदम
बंगाल के नतीजों ने सभी चुनावी विश्लेषकों को चौंका दिया है। भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के जादुई आंकड़े (148) को पार करते हुए 200 से अधिक सीटों पर बढ़त और जीत का रुख बनाए रखा है।
- बड़ा उलटफेर: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर से भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से 15,114 वोटों के अंतर से हार गई हैं।
- टीएमसी का प्रदर्शन: सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस (AITC) को भारी नुकसान उठाना पड़ा है और वह 100 से कम सीटों (लगभग 79) पर सिमटती नजर आ रही है।
- शून्य पर कांग्रेस-लेफ्ट: कांग्रेस और वामपंथी दलों का प्रदर्शन इस बार भी बेहद निराशाजनक रहा, जहाँ कांग्रेस मात्र 2 सीटों पर सिमट गई है।
असम: भाजपा की 'हैट्रिक' और सुशासन पर मुहर
असम में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में एनडीए (NDA) ने ऐतिहासिक तीसरी पारी की शुरुआत की है।
- एनडीए की बढ़त: भाजपा गठबंधन ने 126 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटों पर जीत और बढ़त के साथ तीन-चौथाई बहुमत हासिल किया है।
- हिमंता की जीत: मुख्यमंत्री सरमा ने जालुकबारी सीट से 80,000 से अधिक वोटों के अंतर से शानदार जीत दर्ज की।
- विपक्ष को झटका: कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में जोरहाट सीट से हार गए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन: 'भय से मुक्त हुआ बंगाल'
दिल्ली में जश्न के बीच पीएम मोदी ने कहा कि 2026 के ये चुनाव हमेशा याद रखे जाएंगे। उन्होंने कहा:
"बंगाल अब भय से मुक्त हुआ है और अब यहाँ प्रगति का नया सवेरा होगा। भाजपा की पहली कैबिनेट मीटिंग में ही 'आयुष्मान भारत योजना' को मंजूरी दी जाएगी।"
पीएम मोदी ने इन नतीजों का श्रेय जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को दिया और कहा कि "गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक अब कमल खिल चुका है"। उन्होंने असम की जनता का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों ने 'डबल इंजन' सरकार के विकास कार्यों पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी है।