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पुरानी रंजिश में पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष को वाहन से कुचलकर मार डाला; सरपंची चुनाव के विवाद में रिश्तेदारों ने रची थी साजिश, 2 गिरफ्तार

damoh police investigating the pre-planned murder case of bjp leader devendra singh rajput who was crushed to death with a vehicle due to old rivalry

दमोह। जिले में सागर-दमोह रोड पर नर्सरी के सामने हुई पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राजपूत की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जिसे शुरुआत में महज एक सड़क हादसा माना जा रहा था, वह दरअसल सरपंची चुनाव की पुरानी रंजिश में की गई सोची-समझी हत्या थी। आरोपियों ने देवेंद्र राजपूत पर दो बार गाड़ी चढ़ाकर उनकी जान ली। दमोह पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर इस खौफनाक हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

सरपंची चुनाव और पुरानी दुश्मनी बनी हत्या की वजह

दमोह एसपी आनंद कलादगी के अनुसार, बांसा तारखेड़ा के पूर्व मंडल अध्यक्ष देवेंद्र राजपूत (42 वर्ष, निवासी ग्राम बरमासा) का अपने ही करीबी रिश्तेदारों के साथ पिछले 5-6 सालों से सरपंची चुनाव, संपत्ति और अन्य कारणों को लेकर गहरा विवाद चला आ रहा था। इसी रंजिश का बदला लेने के लिए आरोपियों ने कत्ल की यह सुनियोजित साजिश रची।

मंगलवार शाम जब देवेंद्र लक्ष्मण कुटी मंदिर से दर्शन कर अपनी बाइक से सागर नाका चौकी की ओर लौट रहे थे, तभी उद्यानिकी कार्यालय के पास भोपाल पासिंग स्कॉर्पियो ने उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मारी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर मारने के बाद चालक ने गाड़ी को रिवर्स किया और दोबारा उनके ऊपर से निकाला ताकि उनकी मौत सुनिश्चित हो सके। टक्कर इतनी भीषण थी कि देवेंद्र राजपूत की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।


चश्मदीदों के बयान से खुला खौफनाक राज

इस पूरे मामले का पर्दाफाश करने में घटनास्थल पर मौजूद दो प्रत्यक्षदर्शियों के बयान बेहद मददगार साबित हुए। वारदात के वक्त वहां एक महिला हैंडपंप से पानी भर रही थी, जो इस भयानक मंजर को देखकर मौके पर ही बेहोश हो गई थी। वहीं, नजदीक में ही गन्ने का ठेला लगाने वाला एक व्यक्ति था, जो इस पूरी घटना को अपनी आंखों के सामने घटते देख बुरी तरह सहम गया था। पुलिस ने इन दोनों के बयान दर्ज किए और उसी आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।


न्यू बस स्टैंड के सीसीटीवी कैमरों से बेनकाब हुए हत्यारे

प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर पुलिस ने जब न्यू बस स्टैंड पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला, तो वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी कार छोड़कर भागते हुए दिखाई दिए। घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो कार (क्रमांक MP04SJ0999) को जबलपुर बायपास मार्ग पर छोड़कर आरोपी फरार हुए थे। पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने वैभव सिंह राजपूत, विशाल सिंह राजपूत और अभिषेक सिंह राजपूत (सभी निवासी ग्राम बरमासा) को हत्या का आरोपी बनाया है।

24 घंटे के भीतर दो आरोपी गिरफ्तार, एक अब भी फरार

दमोह एसपी के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और नगर पुलिस अधीक्षक द्वारा गठित विशेष टीम ने भौतिक साक्ष्य, चश्मदीदों के बयान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 24 घंटे में हत्यारों को खोज निकाला।

पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपी वैभव सिंह राजपूत और विशाल सिंह राजपूत को गिरफ्तार कर लिया है और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो गाड़ी को भी जब्त कर लिया है। वहीं, तीसरा आरोपी अभिषेक सिंह राजपूत अभी फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।


मामले पर एसपी का आधिकारिक बयान

"घटना स्थल से दो महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए थे, जिनके बयानों से हत्या की पुष्टि हुई। इसके बाद न्यू बस स्टैंड पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए, जिसमें तीनों आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद कार छोड़कर भागते हुए साफ नजर आ रहे हैं। सरपंची चुनाव की पुरानी रंजिश और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज किया गया है। दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है और एक फरार आरोपी की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।" — आनंद कलादगी, पुलिस अधीक्षक, दमोह